बदायूँ। स्थानीय गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय में शिक्षाशास्त्र एवं संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “स्नातक दक्षताएं : विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करना” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुआ।
सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में आर.एम.पी. कॉलेज, सीतापुर के अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. शिल्पी शर्मा उपस्थित रहीं। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में सिर्फ किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। छात्राओं को संप्रेषण कौशल, नेतृत्व क्षमता, आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और समस्या-समाधान जैसे व्यावहारिक कौशलों में पारंगत होना होगा। उन्होंने छात्राओं से बदलती शैक्षिक और व्यावसायिक चुनौतियों के अनुरूप खुद को ढालने का आह्वान किया।
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. इंदु शर्मा ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल उपाधि बांटना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने छात्राओं को जीवन में निरंतर सीखते रहने और कौशल विकास पर जोर देने की सीख दी। प्रश्नोत्तर सत्र में छात्राओं ने वक्ताओं से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. निशा साहू ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि अंत में आभार ज्ञापन असिस्टेंट प्रोफेसर शालू गुप्ता द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने मुख्य वक्ता, प्राचार्या, शिक्षकों और छात्राओं को धन्यवाद दिया।
इस अवसर पर डॉ. श्रद्धा श्री यादव, डॉ. वंदना वर्मा, डॉ. अनीता सिंह, डॉ. प्रीति वर्मा, डॉ. उमा सिंह गौर और डॉ. सोनी मौर्य सहित दोनों विभागों के शिक्षक, शिक्षिकाएं, छात्राएं तथा समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
Budaun Amarprabhat