सूर्पणखा का बदला लेने के लिए किया था रावण ने सीता का हरण
रायपुर बुजुर्ग में रामकथा का चौथा दिन
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव रायपुर बुजुर्ग में बाबा स्कूल के सामने मैदान पर चल रही पांच दिवसीय संगीतमयी रामकथा के चौथे दिन सीता हरण की कथा का प्रसंग सुनाया। हरियाणा के पलवल से पधारे कथावाचक ओमप्रकाश हंगामा ने कहा कि भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के साथ पंचवटी के आश्रम में रह रहे थे। वे 14 वर्ष के वनवास का समय व्यतीत कर रहे थे। उस दौरान एक दिन सूर्पणखा का वहां आगमन होता है, जो भगवान राम और लक्ष्मण को देखकर मोहित हो जाती है। वह भगवान राम को विवाह का प्रस्ताव देती है, लेकिन वे सीता जी के बारे में बताकर मना कर देते हैं और उसे लक्ष्मण जी के पास भेज देते हैं। लक्ष्मण जी सूर्पणखा को के प्रस्ताव को नकार देते हैं तो वह सीता जी को मारने के लिए बढ़ती है, ताकि उनके मरने पर श्रीराम उससे विवाह कर लेंगे. लेकिन तभी लक्ष्मण जी बीच में आ जाते हैं और उसका नाक काट देते हैं. शूर्पणखा वहां से भागकर अपने भाइयों खर और दूषण के पास मदद के लिए जाती है, वे दोनों रामजी से युद्ध में मारे जाते हैं, तो सूर्पणखा रावण के पास मदद के लिए जाती है और यहीं से रावण सीता हरण की साजिश रचता है। उन्होंने हनुमानजी के द्वारा लंका जाकर माता की सीता की खोज-खबर लाना, भगवान श्रीराम द्वारा बाली वध जैसे प्रसंग सुनाकर श्रोताओं को आनंदित कर दिया। इस मौके पर कई लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat