विद्युत केंद्रों पर बिल संशोधन कैंप सिर्फ खानापूर्ति! उपभोक्ता परेशान, बाबूओं की मनमानी जारी
सहसवान,बदायूं विद्युत केंद्र पर उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए लगाए गए बिल संशोधन कैंप अब मात्र औपचारिकता बनकर रह गए हैं। इन कैंपों से अधिकतर उपभोक्ता मायूस होकर लौट रहे हैं, क्योंकि उनकी बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि विद्युत विभाग के बाबू अपनी मनमानी कर रहे हैं और उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लंबे समय से बिजली के बढ़े हुए बिलों, गलत मीटर रीडिंग और अन्य विसंगतियों से जूझ रहे उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि इन कैंपों में उन्हें राहत मिलेगी। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे बार-बार कैंपों में चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार कोई न कोई बहाना बताकर लौटा दिया जाता है। कभी सर्वर डाउन होने की बात कही जाती है, तो कभी अधिकारी के मौजूद न होने का हवाला दिया जाता है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, “मेरे घर का बिजली का बिल पिछले तीन महीनों से लगातार गलत आ रहा है। मैंने कई बार शिकायत की, कैंप में भी आया, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। बाबू बस टालमटोल करते रहते हैं।” ऐसी ही कहानी अन्य लोगों की भी है, जिनका कहना है कि उनके पुराने बिल में भारी भरकम बकाया दिखा रहा है, जबकि उन्होंने नियमित रूप से बिल का भुगतान किया है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि बाबूओं का व्यवहार भी उदासीन और गैर-जिम्मेदाराना है। वे ठीक से बात नहीं करते और समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेते। इस स्थिति से उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से इस मामले में हस्तक्षेप कर तत्काल प्रभाव से उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान कराने की मांग की है।
यदि यही स्थिति बनी रहती है, तो इन बिल संशोधन कैंपों का औचित्य ही समाप्त हो जाएगा और उपभोक्ताओं की परेशानियां जस की तस बनी रहेंगी।
संवाददाता डाo राशिद अली खान सहसवान बदायूं
Budaun Amarprabhat