कल राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष, वरिष्ठ जिला महामंत्री, व जिला मीडिया प्रभारी मांगें पूरी न होने पर करेंगे भूख हड़ताल/आमरण अनशन ।।
आज राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष अरुण कुमार वाल्मीकि की अध्यक्षता में सफाई कर्मचारियों अनिश्चितकालीन धरना/प्रदर्शन पण्डित मदन मोहन मालवीय आवास परिसर बदायूं में किया गया। जिसमें जिला अध्यक्ष अरुण कुमार वाल्मीकि ने कहा कि नगर पालिका परिषद सहसवान/ककराला में सफाई कर्मचारियों का मानसिक व शारीरिक शोषण हो रहा है। वहां के कुछ कर्मचारी हमारे महासंघ के पद अधिकारियों को तरह तरह से डरा धमका रहे हैं। तथा पूरे जिले में बैगलॉक/BC कर्मचारियों को उनका मूल कार्य नहीं कराया जा रहा है। व नगर पंचायत रुदायन में शासन आदेश अनुसार 19 सालों से तैनात संविदा सफाई कर्मचारी को वहां के अधिशासी अधिकारी द्वारा अवैध व अनैतिक रूप बर्खास्त किए जाने पर उक्त सफाई कर्मचारी की जल्द से जल्द सेवा बहाली हो।वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष श्री अमित कुमार वाल्मीकि जी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों में स्वच्छकार परिवार को MS ACT 2013 के तहत प्रत्येक नगर पंचायत/नगर पालिका में नौकरी देने प्रावधान है। जिला प्रशासन जब तक उन लोगों का नौकरी देने का प्रावधान नहीं करती है तब तक धरना जारी रहेगा। वरिष्ठ जिला महामंत्री सुशील कुमार वाल्मीकि ने कहा कि नगर पालिका परिषद ककराला व सहसवान के ठेका सफाई कर्मचारियों के फर्म के ठेकेदार द्वारा जातिगत रंजिश को मानते हुए सफाई कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है और उक्त नगर पालिका परिषदों में बैगलॉक/BC सफाई कर्मचारी अपना काम छोड़कर अन्य कार्यों को कर रहे हैं जोकि शासन आदेशों के विपरीत जाता है। उक्त कर्मचारियों को अपने मूल पद वापिस नहीं लिया गया तो उग्र आंदोलन होगा।जिला महामंत्री आकाश वाल्मीकि ने कहा कि जिले में ठेकेदार द्वारा सफाई कर्मचारियों को ESI का लाभ नहीं दिया जा रहा है। तथा संविदा सफाई कर्मचारियों को ईपीएफ का लाभ नहीं दिया जा रहा है। जोकि शासन आदेशों के विपरीत है। जब तक हमारी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा।जिला उपाध्यक्ष श्री नीरज कुमार भारती जी ने कहा कि सफाई कर्मचारियों का उत्पीड़न रोकने के लिए हमें अपने बच्चों को उच्च शिक्षा भी ग्रहण करने के लिए सफाई कार्य से हटकर कार्य करने पड़ेंगे।इस मौके पर, सुधीर सागर, रोहित कुमार, जगनिवाश, दिनेश कुमार, आदि लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat