बदायूं संस्कृत महाविद्यालय बेदामऊ वैदिक विद्यापीठ बदायूं में चल रहे संस्कृत सप्ताह महोत्सव के
पांचवें दिन कार्यक्रम में उपस्थित संस्कृत के विद्वानों ने संस्कृतम् बद तू तथा वृक्षाणाम चेतनाट्यम के माध्यम से अपने पर्यावरण शुद्धिकरण के पक्ष में अपने-अपने विचार रखें कार्यक्रम में उपस्थित मुख्य अतिथि गुरुकुल सूर्यकुंड संस्कृत महाविद्यालय बदायूं से आए श्री .
वेदवीर आर्य ने संस्कृतके माध्यम से संस्कृत भाषा को संस्कृत में ही वार्तालाप करने की प्रेरणा दी और कहा कि संस्कृत भाषा सभी भाषाओं से सरल भाषा है क्योंकि थोड़े से अभ्यास में ही व्यक्ति संस्कृत भाषा को पढ़नेपढने तथा बोलने में निपुण हो जाता हैसंस्कृत भाषा को दाएं तरफ से या बाएं तरफ से पढ़ा जाए तो उसका अर्थ एक जैसा ही निकलता है संस्कृत सप्ताह कार्यक्रम में उपस्थित कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं विद्यालय के संस्थापक आचार्य श्री वेद व्रत आर्य जी ने वर्तमान समय में पर्यावरण से संबंधित पर्यावरण को शुद्ध करने में जल प्रदूषण वायु प्रदूषण एवं ध्वनि प्रदूषण के बारे में विस्तार से अपने विचारों को रखा और कहा कि हम लोगों का दायित्व है कि हम प्रकृति के साथ खिलवाड़ न करें वृक्षों की संरक्षा एवं सुरक्षा करना हम लोगों का परम कर्तव्य है विद्यालय के संस्थापक महोदय के कर कमल द्वारा विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण कराया गया इसके बाद उन्होंने हम सभी को अपना शुभ आशीर्वाद दिया विद्यालय के प्राचार्य श्री वेद मित्र आर्य जी नेकार्यक्रम में उपस्थित सभी विद्वानों का आभार प्रकट किया एक पेड़ मां के नाम के माध्यम से पर्यावरण की सुरक्षा एवं संरक्षण करने के लिए हम सभी को अधिक से अधिक वृक्षों को लगाकर पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए प्रतिज्ञा दिलाई एवं छात्र-छात्राओं का उत्साह उत्साह वर्धन किया विद्यालय के साहित्य विभाग अध्यक्ष श्री शिव सिंह यादव जी ने भी अपने विचार व्यक्त किया कार्यक्रम में विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा कार्यक्रम का संचालन विद्यालय के व्याकरण विभाग के अध्यक्ष आचार्य श्री सर्वेश कुमार गुप्ता जी ने किया शांति पाठ के उपरांत कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई
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