सत्य के मार्ग पर चलना बहुत कठिन होता है: अयोध्यादास
बिल्सी में राम कथा का दूसरा दिन
बिल्सी। कछला रोड स्थित माहेश्वरी भवन में श्रीराम-कृष्ण समिति के बैनर तले चल रही रामकथा के दूसरे दिन कथावाचक अयोध्यादास रामायणी महाराज ने सत्य के महत्व को विस्तार से समझाते हुए कहा कि सत्य के मार्ग पर चलना बहुत कठिन होता है। इस मार्ग में तमाम कष्टों को झेलना पड़ता है। मगर अंत में आनन्द की प्राप्ति भी होती है। इसलिए लोगों को हमेशा सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।
उन्होनें बताया कि भगवान राम के सामने सत्य के मार्ग में कई कठिनाइयाँ सामने आई थी। जैसे भगवान राम को 14 वर्षों के लिए वनवास में जाना पड़ा, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक थी। रावण द्वारा सीता का अपहरण करना और उन्हें लंका ले जाना एक और बड़ी चुनौती थी। भगवान राम ने रावण के साथ युद्ध किया, जिसमें उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होनें सत्य के मार्ग का महत्व को समझाते हुए कहा कि भगवान राम की कहानी यह सिखाती है कि सत्य की जीत होती है, भले ही इसके लिए कितनी भी कठिनाइयों का सामना करना पड़े। भगवान राम की कथा धैर्य और निष्ठा के महत्व को भी दर्शाती है, जो सत्य के मार्ग पर चलने के लिए आवश्यक हैं। उन्होनें कहा कि सत्य को हम मानते ही नही है। सत्य से अच्छा हमें झूठ लगता है क्योंकि मीठा होता है। खुद को संकटों से बचाने के लिए अक्सर इंसान झूठ का सहारा लेता है। हर हाल में आगे आने वाले संकटों से खुद का बचाव करना यह हमारा स्वभाविक गुण है। इस मौके पर नरेन्द्र गरल, दिनेश बाबू वाष्र्णेय, चन्द्रपाल तोष्णीवाल, मनोज वार्ष्णेय, लोकेश बाबू वार्ष्णेय, नीरज माहेश्वरी, संजीव वार्ष्णेय, दुर्गेश बाबू वार्ष्णेय, आशीष वशिष्ठ आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat