Breaking News

शाहजहांपुर जल जीवन मिशन में मानकों की अनदेखी, अधिकारियों व कार्यदायी संस्था की बड़ी लापरवाही उजागर

Spread the love

* सवाददाता… काजल मिश्रा

*शाहजहांपुर जल जीवन मिशन में मानकों की अनदेखी, अधिकारियों व कार्यदायी संस्था की बड़ी लापरवाही उजागर**

शाहजहांपुर। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना *जल जीवन मिशन* ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चलाई जा रही है, लेकिन शाहजहांपुर जिले में इस योजना के अंतर्गत हो रहे निर्माण कार्यों की सच्चाई कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। जिले की कई ग्राम पंचायतों में बन रही पानी की टंकियां मानक के अनुसार नहीं बनाई जा रही हैं। कार्यदायी संस्था, इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से ग्रामीणों की जिंदगी और सरकारी धन दोनों को खतरे में डाला जा रहा है।

ग्राम पंचायत **सरथौली** में टंकी निर्माण के दौरान पिलर तिरछे पाए गए। ग्रामीणों ने कई बार शिकायत की, लेकिन जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। **भैंसटा खुर्द** में बनी टंकी की सीढ़ियां मानक से बिल्कुल अलग हैं, जिन पर चढ़ना किसी भी व्यक्ति के लिए खतरे से खाली नहीं है। वहीं **रसेम ग्राम पंचायत** की टंकी में भी गंभीर खामियां सामने आने के बाद काम महीनों से बंद पड़ा है। इसी तरह **डीगुरपुर** में टंकी की सीढ़ियों का निर्माण घटिया स्तर पर किया गया है, जिसकी वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं।

सूत्रों के अनुसार ब्लॉक इंचार्ज इंजीनियर न केवल मानक के अनुसार काम नहीं करवा रहे हैं, बल्कि बिल लिखने के लिए पैसे का खेल चलता है वहीं, जिला परियोजना प्रबंधक (**DPM**) **मनोज साहू** की लापरवाही भी साफ तौर पर दिखाई देती है, क्योंकि लगातार शिकायतों के बावजूद न तो निरीक्षण किया जा रहा है और न ही कार्यदायी संस्था पर कोई सख्त कार्रवाई।

पिछले दिनों **सीतापुर** में मानक के अनुसार न बनी टंकी कुछ ही समय बाद ढह गई। इसी तरह थाना **जैतीपुर क्षेत्र के सलेमपुर गांव** में टंकी की टूटी सीढ़ियों से गिरकर दो मजदूर घायल हो गए। इतना ही नहीं, **मदनापुर के झपका दिलावरपुर गांव** में 15 फीट ऊंचाई से गिरने से एक मजदूर की मौत तक हो गई। ये घटनाएं साफ इशारा करती हैं कि काम के दौरान न तो सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और न ही श्रमिकों की जान की कोई परवाह की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का पैसा अधिकारी और कंपनी कर्मचारी आपस में बांटकर हजम कर रहे हैं। वहीं, जिम्मेदार अधिकारी जांच का ढोंग कर मामले को रफा-दफा कर देते हैं।

अब सवाल यह है कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांव-गांव नल से जल पहुंचाने का सपना देखा था, तो शाहजहांपुर में चल रही यह मनमानी आखिर क्यों बर्दाश्त की जा रही है? टंकियों का निर्माण कार्य मानक से हटकर करना न केवल सरकारी धन की बर्बादी है, बल्कि ग्रामीणों के जीवन के साथ भी खिलवाड़ है।

ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि दोषी अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट किया जाए। साथ ही, जो निर्माण कार्य अब तक मानक के विरुद्ध हुए हैं, उन्हें तोड़कर दोबारा कराया जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना न हो।

**कुल मिलाकर जल जीवन मिशन जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में हो रही यह लापरवाही सरकार की मंशा पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यदि समय रहते कार्यवाही नहीं हुई, तो आने वाले समय में और भी बड़ी दुर्घटनाएं सामने आ सकती हैं।**


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

दहगवां ब्लॉक में जैविक किसान मेले का आयोजन, किसानों को दी जैविक खेती की जानकारी

Spread the loveसंवाददाता: गोविंद देवल बदायूं। नमामि गंगे जैविक खेती परियोजना के अंतर्गत शनिवार को …

error: Content is protected !!