Breaking News

राम ने तोड़ा शिव धनुष, सीता ने गले में डाली वरमाला

Spread the love

राम ने तोड़ा शिव धनुष, सीता ने गले में डाली वरमाला

बिल्सी। रामलीला के मंच पर सोमवार की रात सीता स्वयंवर हुआ। भगवान राम ने धनुष तोड़कर सीता को गले में माला पहनाकर अपनी जीवनसंगिनी बनाया। राजा जनक ने देश के कई राजाओं को आमंत्रित किया। धनुष यज्ञ में जनक का संकल्प था कि जो शिव जी के इस धनुष को तोड़ेगा। उसी के गले में मेरी पुत्री सीता वरमाला डालेगी। कई राजा और दुष्ट धनुष को हिला भी नहीं पाए। इस दौरान रावण का धनुष के नीचे हाथ दब गया। सब राजा परास्त होकर अपने-अपने सिंहासन पर बैठ जाते हैं। इस दौरान जनकजी कहते हैं आप लोग आशा छोड़कर अपने घर जाओ। इस स्वयंवर में क्या देवता लोग भी मनुष्य का शरीर धारण कर पधारे हैं। उन्होंने कहा हम किससे कहे बलशाली। हमारा विश्व ताे पृथ्वी वीरों से खाली है। यह सुन लक्ष्मण ने कहा सच्चे योद्धा सच्चे क्षत्रीय अपमान नहीं सह सकते हैं। जिनको सुनने की ताप नहीं वह चुप कैसे रह सकते हैं। इस वचन के साथ गुरु विश्वामित्र श्रीराम को धनुष तोड़ने की आज्ञा देते हैं। धनुष तोड़ने के बाद सीता राम जी के गले में माला डालकर स्वयंवर करती हैं। मंचन के दौरान उमेश बाबू गुप्ता, विनोद पालीवाल, अजीत सिंह गूर्जर, डा.श्रीकृष्ण गुप्ता, लवकुमार वार्ष्णेय, संजीव वार्ष्णेय, जितेंद्र कुमार, हरिओम राठौर आदि मौजूद रहे।


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

दो पक्षों के विवाद में छह आरोपी गिरफ्तार

Spread the loveजरीफनगर पुलिस ने लाठी-डंडे और बांका बरामद कर न्यायालय भेजा संवाददाता : गोविंद …

error: Content is protected !!