
मुरादाबाद। यूपी इंटरनेशनल टेड शो- यूपी आईटीएस 2025 में तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के तीर्थंकर महावीर इन्नोवेशन फाउंडेशन- टीएमआईएफ के तीन स्टार्टअप्स- लेनिक्सविज़न, कॉन्सिस एआई टेक्नोलॉजीज़ और वेलनेस एम्पोरियो इंडिया प्रा.लि. ने अपनी विशिष्ट छाप छोड़ी है। यूपीआईटीएस- 2025 से टीएमआईएफ को बाज़ार-मान्यता और बिक्री-संकेत- प्री-ऑर्डर, निवेश और पायलट-रास्ते- वीसी फॉलो-अप एवम् एसआईडीबीआई सहायता और अंतर्राष्ट्रीय एंड सरकारी नेटवर्किंग- स्टार्टअप ऑस्ट्रिया, इन्वेस्ट यूपी, यूपीएलसी, आईटीएंडई से तेज़ फ़ॉलो-अप और क्रियान्वयन का लाभ मिला। टीएमआईएफ के इन स्टार्टअप्स ने अपने-अपने प्रोडक्ट्स न केवल दिखाए, बल्कि तुरंत व्यावहारिक परिणाम भी अर्जित किए। लेनिक्सविज़न के स्टाल पर लगभग 700 आगंतुकों ने विजिट की और इवेंट के दौरान ही कई प्री-ऑर्डर सुनिश्चित हुए। ये प्री ऑर्डर इस बात का साफ़ संकेत कि छात्र-नेतृत्व वाला यह प्रोटोटाइप बाज़ार में त्वरित स्वीकृति पा रहा है। साथ ही कॉन्सिस एआई अपनी वॉइस-एआई और स्वार्म-इंटेलिजेंस आधारित कॉल-ऑटोमेशन सॉल्यूशन की सफल पिच के जरिए चिरेता और फ्लुइड वेंचर्स के प्रमुख वीसी प्रतिनिधियों तक पहुंच बनाने में सफल रहा। फ्लुइड वेंचर्स ने फ़ॉलो-अप मुलाकात का आश्वासन दिया, जो प्राथमिक निवेश पाथवे के लिए महत्वपूर्ण कदम है। वहीं वेलनेस एम्पोरियो इंडिया प्रा.लि. ने अपनी पोस्टपार्टम-केयर प्लेटफॉर्म विवानारी के कारण स्वास्थ्य क्षेत्र के प्रतिनिधियों का ध्यान खींचा और संभावित क्लीनिकल पार्टनरशिप की चर्चा हुई, जिससे पायलट परियोजनाओं के रास्ते खुले हैं। इन नतीजों के पीछे संक्षिप्त एवम् प्रभावी डेमो, व्यावसायिक पिच-डेक और ऑन-स्पॉट ग्राहक-फीडबैक को दर्ज कर पाने की एक संगठित रणनीति नजर आई। इसका प्रतिफल प्री-ऑर्डर, निवेश-रुचि, और पायलट-इंट्रोडक्श्न के रूप में मिला, जो किसी भी अकादमिक इन्क्यूबेटर के लिये आदर्श परिणाम हैं।

यूपी आईटीएस 2025 में डीन एकेडमिक्स एवम् टीएमयू बीआईसी की चेयरपर्सन प्रो. मंजुला जैन का द रोल ऑफ इन्क्यूबेर्ट्स एंड एक्सीलेटर्स इन स्टार्ट अप्स ईको सिस्मटम पर मुख्य भाषण भी विशेष रूप से प्रभावशाली रहा। उन्होंने इन्क्यूबेटर इंडस्टी पॉलिसी के बीच के पुल की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए यूनिवर्सिटी आधारित नवाचार को बाजार के साथ जोड़ने के व्यावहारिक कदम बताए। प्रो. जैन का संबोधन प्रतिभागियों और नीति-निर्माताओं के बीच टीएमआईएफ की विश्वसनीयता को और पुष्ट करने वाला रहा। नीतिगत और अंतर्राष्ट्रीय जुड़ाव ने टीएमआईएफ के नतीजों को व्यावहारिक मंच दिया। एसआईडीबीआई के साथ संस्थागत वित्त-स्कीमों और रेफ़रल-मैकेनिज्म पर विस्तार से चर्चा हुई। एसआईडीबीआई की प्रतिबद्धता से स्टार्टअप्स को बैंक-वितरण और अनुदान-समर्थन के रास्ते मिलेंगे। स्टार्टअप ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधि ने तकनीकी डेमो का सकारात्मक फ़ीडबैक देते हुए गो- ऑस्ट्रिया प्रोग्राम के तहत डेमो-डे एवम् मेंटरशिप के अवसरों का प्रस्ताव भी दिया। यह अंतर्राष्ट्रीय बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण चैनल है। इन्बेस्ट यूपी के संग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस- सीओई और उद्योग-साझेदारी पर चर्चा हुई ताकि टीएमआईएफ के लिए दीर्घकालिक संसाधन और मार्केट-एक्सेस के द्वार खुल सकें। यूपीएलसी के एमडी श्री रवि रंजन-आईएएस ने लेनिक्सविज़न, कॉन्सिस एआई को राज्य-पहल हेतु मान्यता देते हुए संभावित साझेदारी के संकेत दिए। साथ ही गो-यूपी की स्पेशल सेक्रेटरी, आईटी एंड ई मिस नेहा जैन ने तकनीकी अपनाने, राज्य-स्तरीय समन्वय और डिजिटल स्वास्थ्य/एजु-टेक पहल के समन्वय की संभावना को रेखांकित किया, जिससे स्टार्टअप्स के पायलट-डिप्लॉयमेंट के लिए सरकारी मार्ग अविलंब खुलने की राह आसान दिखी। यूपी आईटीएस में टीएमयू बीआईसी के डायरेक्टर डॉ. अवधेश शर्मा के संग-संग बीआईसी मैनेजर श्री प्रशांत सिंह, आईआईसी कोर्डिनेटर श्री प्रदीप कुमार वर्मा, डॉ. नेहा आनन्द की उल्लेखनीय मौजूदगी रही।
Budaun Amarprabhat