Breaking News

लंका में रावण, अयोध्या में जन्मे राम, लोगों ने मनोई खुशियां

Spread the love

लंका में रावण, अयोध्या में जन्मे राम, लोगों ने मनोई खुशियां

बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव पिंडौल में जनता आदर्श रामलीला क्लब की ओर से आयोजित किए जा रहे रामलीला के मंच पर रविवार की रात रावण, कुंभकरण के जन्म का मंचन हुआ। रावण, कुंभकरण और विभीषण, ऋषि विश्रवा और राक्षसी कैकसी के यहां हुआ। इसके बाद रावण ने अपनी दोनों भाइयों के साथ शिव को प्रसन्न करने के लिए शिव तांडव स्तोत्र की रचना की और घोर तपस्या की, जिसके फलस्वरूप शिव प्रकट हुए और उसे चंद्रहास तलवार व अन्य वरदान दिए, साथ ही रावण ने अजेयता हासिल करने के लिए अपने सिरों का त्याग भी किया, जिससे शिव प्रसन्न होकर उसे दशानन बने रहने का वरदान दिया और इसके परिणामस्वरूप रावण को असीमित शक्ति और वरदान प्राप्त हुई तथा कुंभकरण को छह माह सोने और एक दिन जागने का वरदान प्राप्त हुआ तथा विभीषण को भगवान की भक्ति का वरदान प्राप्त हुए रावण ने कुबेर पर चढ़ाई करके कुबेर से उसकी लंका नगरी प्राप्त कर ली और कुबेर को बांधकर डाल दिया रावण अपनी असीमित शक्तियों के द्वारा विजय हासिल कर रहा था। उधर अयोध्या के राजा दशरथ के कोई पुत्र नहीं हो रहा था, इसलिए राजा दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए गुरु वशिष्ठ और शृंग ऋषि के नेतृत्व में एक महान यज्ञ करवाया। इसके बाद चैत्र शुक्ल नवमी को भगवान राम का जन्म हुआ। उसके बाद भरत लक्ष्मण शत्रुघ्न का जन्म हुआ महलों में खुशियां मनाई जाने लगी बधाइयां पडने लगी राजा दशरथ महलों में पुत्रों के जन्म लेने से बहुत प्रसन्न थे।


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

बिल्सी वृद्ध आश्रम में होली पर्व पर हवन कार्यक्रम आयोजित

Spread the loveबिल्सी वृद्ध आश्रम में होली पर्व पर हवन कार्यक्रम आयोजित ऋषि आश्रम शुभ …

error: Content is protected !!