बिसौली। श्री श्री 1008 विदेहनदिनी शरण जी महाराज सोई आश्रम की असीम कृपा से चल रहे सात दिवसीय श्री मारुति नंदन महायज्ञ एवं श्रीराम कथा के द्वितीय दिवस की कथा भक्तिरस से ओतप्रोत रही। कथा व्यास पूज्य पं. राधेश्याम जी महाराज (सतना, मध्यप्रदेश) ने वाल्मीकि रामायण के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन करते हुए श्रोताओं को भक्ति में सराबोर कर दिया।
उन्होंने व्यथित क्रौंच पक्षी प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया यही प्रसंग रामायण की रचना का आधार बना। तत्पश्चात पूज्य महाराज ने सती चरित्र का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए भगवान शिव माता पार्वती को कथा सुनाने के लिए कैलाश पर्वत से तीर्थराज प्रयाग स्थित महाराज भारद्वाज आश्रम पहुंचे, जहाँ भगवान शिव ने स्वयं श्रीराम कथा का श्रवण किया। कथा का आयोजन महंत फुलबाबा के निर्देशन में आयोजन मंडल द्वारा कराया जा रहा है। कथा स्थल पर सायंकालीन मंगला आरती के पश्चात रामकथा का शुभारंभ हुआ, जिसमें जय श्रीराम और हनुमानजी महाराज की जय के गगनभेदी जयघोषों से पूरा वातावरण भक्तिरस से गूंज उठा। इस पावन अवसर पर यजमानों के रूप में भगवान सिंह चौहान व पूनम कुमारी चौहान, मनोज कुमार शर्मा व सुनीता देवी, अशोक कुमार सिंह व ममता चौधरी, विनय कुमार मिश्रा व लक्ष्मी देवी, पप्पू शर्मा व रीमा शर्मा, पुष्कर सिंह व इंदु सिंह, तथा भोलानाथ पथिक (विनोद) व सीता पांडेय के साथ विनोद पचौरी, जेई मनोज यादव, एडवोकेट मनोज शंखधार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तगणों ने भाग लिया।
Budaun Amarprabhat