संवाद दाता… काजल मिश्र **जल जीवन मिशन में लापरवाही: गांव पुरैना में कम गहराई पर पाइप डालने से लोगों में रोष, जांच की मांग**
शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी योजना **“जल जीवन मिशन”** के अंतर्गत गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। लेकिन जनपद शाहजहांपुर के ब्लॉक कांट क्षेत्र के **गांव पुरैना** में इस योजना के तहत किए जा रहे कार्य में गंभीर अनियमितताओं की शिकायत सामने आई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में पाइपलाइन बिछाने का कार्य **मानक के अनुसार नहीं** किया गया काम ब्लॉक इंचार्ज अंकुश मिश्रा डी पी एम की मिली भगत से हुआ है काम
ग्रामीणों के अनुसार, ठेकेदार और इंजीनियर की मिलीभगत से **पाइप को कम गहराई (ऊंचाई पर)** डाला जा दी गई है , जबकि नियमों के अनुसार पाइपलाइन को कम से कम एक मीटर नीचे जमीन में बिछाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में टूट-फूट, लीकेज या सड़क निर्माण के दौरान नुकसान न हो। लेकिन यहां **ऊपरी सतह पर पाइप** डाले जाने से संभावना है कि थोड़ी सी दबाव या वाहन के गुजरने से पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो सकती है।
स्कूल के समाने पाइप लाइन ओर ही डाल दी गई, अध्यापक की कई बार शिकायत के बाद भी नहीं हुए कोई सुनवाई
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पुरैना साइट पर लगाए गए पाइप और ऊपर ही डाला दिया गए भी है**, जिससे भविष्य में जलापूर्ति ठप होने का खतरा बना रहेगा। स्थानीय लोगों ने कई बार मौके पर पहुंचे जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्य **ब्लॉक इंचार्ज अंकुश मिश्रा इंजीनियर और ठेकेदार की मिलीभगत से किया गया है**, ताकि कम खर्च में अधिक लाभ कमाया जा सके। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की **उच्च स्तरीय जांच** कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
जल जीवन मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजना में इस तरह की लापरवाही से न केवल सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, बल्कि ग्रामीणों को स्वच्छ जल जैसी बुनियादी सुविधा से भी वंचित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि कार्य की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और मानक के सही से दोबारा पाइपलाइन बिछाई जाए ताकि योजना का सही लाभ जनता को मिल सके।
Budaun Amarprabhat