डिजिटल दुनिया का द्वंद्व: फ्यूचर लीडर्स ने बताया, सोशल मीडिया दोस्त है या दुश्मन
बदायूं रोड स्थित फ्यूचर लीडर्स स्कूल में शनिवार को एक ज्ञानवर्धक और उत्साहपूर्ण अंग्रेज़ी भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कक्षा 5 से 8 तक के विद्यार्थियों ने मंच संभाला और आज के सबसे प्रासंगिक विषय “सोशल मीडिया और इसके प्रभाव पर अपनी धाराप्रवाह अंग्रेजी और गहन विचारों से सभी को प्रभावित किया।
इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छात्रों में न केवल अंग्रेजी भाषा के प्रति रुचि पैदा करना था, बल्कि उन्हें एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे के दोनों पहलुओं को समझने और स्पष्ट रूप से व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना भी था।
बच्चों ने दिखाए सोशल मीडिया के दो पहलू
छात्रों ने सोशल मीडिया के लाभ और हानियों पर प्रभावशाली तर्क प्रस्तुत किए। एक ओर, कई प्रतिभागियों ने बताया कि सोशल मीडिया कैसे ज्ञान का भंडार है, हमें दुनिया से जोड़ता है और शिक्षा प्राप्त करने में सहायक है। वहीं, दूसरी ओर, कुछ छात्रों ने इसके दुष्प्रभावों जैसे – समय की बर्बादी, मानसिक तनाव, एकाग्रता में कमी और गलत सूचना (फेक न्यूज़) के प्रसार पर गंभीरता से प्रकाश डाला।
इन छात्रों ने मारी बाजी
विभिन्न कक्षाओं से इन प्रतिभाशाली छात्रों ने प्रथम स्थान प्राप्त किया:
कक्षा 8: अनुष्का चौहान
कक्षा 7: आरुषि शाक्य
कक्षा 6 (मेजर ध्यान चंद): श्रृष्टि सिंह
कक्षा 6 (सी.वी रमन): देव प्रताप सिंह
कक्षा 5 (रविन्द्र नाथ टैगोर): श्रिया
कक्षा 5 (भीम राव अंबेडकर): गुनगुन
विद्यालय के डायरेक्टर, वीपी सिंह ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “सोशल मीडिया सचमुच ज्ञान का एक अच्छा साधन है और इसने हमें दुनिया से जोड़ दिया है। लेकिन इसका सही और उद्देश्यपूर्ण उपयोग ही इसकी कुंजी है, अन्यथा यह बच्चों का ध्यान पढ़ाई से भटका सकता है।”
एमडी, राहुल कुमार सिंह ने इस बात पर बल दिया कि, “यदि सोशल मीडिया का उपयोग सीमित और उद्देश्यपूर्ण तरीके से किया जाए तो यह सीखने का एक सशक्त माध्यम बन सकता है। लेकिन इसका दुरुपयोग विद्यार्थियों के भविष्य के लिए हानिकारक हो सकता है।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य रविन्द्र सिंह ने प्रतियोगिता को ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि इसने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और वक्तृत्व कौशल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने सभी को सोशल मीडिया का उपयोग सोच-समझकर और सीमित रूप में करने की सलाह दी। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में शिदरा खान एवं प्रीति श्रीवास्तव रहीं।
इस अवसर पर जूनियर, प्राइमरी और प्री-प्राइमरी कॉर्डिनेटर समेत सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे, जिन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
Budaun Amarprabhat