उत्तर प्रदेश के स्मार्ट सिटी मिशन ने राज्य और देश में मारी धाक
बदायूँ, 07 नवंबर। भारत सरकार की शहरी नवीनीकरण योजना स्मार्ट सिटी मिशन के तहत उत्तर प्रदेश के 17 शहरों में बुनियादी ढांचा सुधार, स्मार्ट समाधान और नागरिक सेवाओं के व्यापक विकास पर जोर दिया जा रहा है। प्रदेश के 10 शहर—लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, अलीगढ़, बरेली, झांसी, सहारनपुर और मुरादाबाद—के लिए अब तक कुल 9330.92 करोड़ रुपए की धनराशि से 678 परियोजनाएँ स्वीकृत हैं, जिनमें से 674 पूर्ण और 8 प्रगति पर हैं।
स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत ईज ऑफ लिविंग, कल्चर व लाइफस्टाइल, ई-गवर्नेंस, वॉटर-सैनिटेशन, ट्रांसफॉर्मिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और न्यू एज ट्रांसपोर्ट जैसी श्रेणियों में कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा राज्य स्मार्ट सिटी योजना में 6 नगर निगमों में आईटीएमएस (इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) का कार्यान्वयन कर ई-चालान व्यवस्था लागू की जा चुकी है।
प्रदेश के स्मार्ट शहरों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उपलब्धियां हासिल की हैं। इण्डिया स्मार्ट सिटीज अवार्ड 2022 में उत्तर प्रदेश ने 10 पुरस्कार जीते। वाराणसी स्मार्ट सिटी नॉर्थ जोन की 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में प्रथम, आगरा स्मार्ट सिटी ने नेशनल स्मार्ट सिटी अवार्ड में पूरे देश में तृतीय स्थान प्राप्त किया। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में लखनऊ तीसरे स्थान पर रहा, जबकि अन्य शहरों ने भी श्रेष्ठ स्थान हासिल किए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के अन्य 7 नगर निगमों को राज्य स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की पहल की है। वर्तमान में प्रदेश के 16 शहरों में लगभग 2300 करोड़ रुपए की लागत से आईटीएमएस और ICCC परियोजनाएं क्रियाशील हैं।
स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से उत्तर प्रदेश में आधुनिक बुनियादी ढांचे, डिजिटल निगरानी, स्मार्ट पार्किंग, स्मार्ट क्ल
Budaun Amarprabhat