
टीएमयू में ‘एजुकेशन 5.0 : ए न्यू पैराडाइम इन ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी सम्पन्न
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन, कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन और कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स की ओर से “एजुकेशन 5.0 : ए न्यू पैराडाइम इन ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल समापन हुआ। मुख्य अतिथि डॉ. बी.आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी, लखनऊ के कुलपति एवं टीएमयू के संस्थापक कुलपति प्रो. आर.के. मित्तल ने कहा कि टेक्नोलॉजी में युग बदलने की शक्ति है, जो समय और परिस्थिति को परिवर्तित कर सकती है, बशर्ते उसका उपयोग ज्ञान, नवाचार और सृजन के साथ किया जाए। बोले, शिक्षा और तकनीक का संगम ही हमें विकास की दिशा में अग्रसर करता है। आज ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल क्लासरूम और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म ने शिक्षा को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया है।
विशिष्ट अतिथि और प्रख्यात समाजशास्त्री डॉ. विशेष गुप्ता ने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान का संग्रह नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में गुण और संभावनाएं पहले से विद्यमान होती हैं, आवश्यकता है तो केवल सही दिशा देने की। बोले, आज ऐसी शिक्षा की जरूरत है जो युवाओं को आत्मबोध, संवेदनशीलता और नवाचार से जोड़े।
टीएमयू के कुलपति प्रो. वी.के. जैन ने कहा कि प्रत्येक युग में शिक्षा ने मानव सभ्यता को नई दिशा दी है। विवेकानंद ने शिक्षा को आत्मबल का माध्यम बताया, गांधी जी ने इसे नैतिकता और कर्म से जोड़ा। बोले, “तकनीक तभी कल्याणकारी बनती है जब उसमें नीति, मूल्य और करुणा का समन्वय हो। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि चरित्र और चेतना का निर्माण है।”
अंत में सात श्रेष्ठ शोधपत्र पुरस्कार से वीरेंद्र कुमार, समीक्षा सिंह, प्रदीप सैनी, तान्या चौधरी, शैलेन्द्र सिंह चौहान, अभिषेक कुमार और प्रियंका को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में देशभर के शिक्षाविद, शोधार्थी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
(संवाददाता : अमर प्रभात न्यूज़ डेस्क, मुरादाबाद)
Budaun Amarprabhat