हजारों जायरीन ने पेश की हाजिरी, आज रात होगी मजीदी कॉन्फ्रेंस
बदायूं। देश-विदेश में मशहूर दरगाह आलिया कादरिया पर शनिवार को सालाना उर्स मुबारक का आगाज़ चादर जुलूस और कुरानख्वानी के साथ हुआ। इस मौके पर खानकाह साहिब काज़ी-ए-जिला हज़रत अब्दुल गनी मोहम्मद अतीफ मियां कादरी की सरपरस्ती में तबर्रुकात का जुलूस निकाला गया, जो दरगाह शरीफ पहुंचकर समाप्त हुआ। हजारों की संख्या में स्थानीय और बाहरी अकीदमंदों ने हाजिरी देकर दुआएं मांगी।
गौरतलब है कि यह सालाना उर्स हज़रत शाह अनुलहक अब्दुल मजीद कादरी रहमतुल्लाह अलैह की याद में मनाया जाता है। दरगाह कमेटी की ओर से जायरीनों के लिए इस वर्ष भी बेहतर इंतज़ामात किए गए हैं। उर्स का आगाज़ कुरानख्वानी और तिलावत-ए-कुरान से हुआ।
पहले दिन की महफिल में हज़रत अब्दुल कय्यूम कादरी, हफीज़ गुलाम कादरी, अब्दुल हन्नान और अनीस कादरी ने नातिया कलाम पेश किए। तकरीरों में उर्स के साहिबे उर्स की जिंदगी और उनकी शिक्षाओं पर विस्तार से रोशनी डाली गई।
दरगाह परिसर में शहीदे बगदाद वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से जरूरतमंदों का निकाह भी कराया गया, जिससे लोगों में सामाजिक एकता और इंसानियत का संदेश गया।
आज रविवार रात इशा की नमाज के बाद मजीदी कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से उलेमा-ए-किराम और सूफी बुजुर्ग शरीक होंगे। वहीं कल सोमवार (10 नवंबर) को कुल शरीफ और उर्स की मुख्य महफिल सजेगी। इस दौरान तबर्रुकात शरीफ की ज़ियारत कराई जाएगी और अमन, मोहब्बत व भाईचारे की दुआएं की जाएंगी।
(संवाददाता : अमर प्रभात न्यूज़ डेस्क, बदायूं)
Budaun Amarprabhat