
उसहैत। क्षेत्र के ग्राम सौंधामई में शुक्रवार से आरंभ हुई श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिवस में प्रख्यात कथावाचक पं. खुशी राम जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद, हिरण्याक्ष तथा हिरण्यकश्यप की दिव्य कथा का वर्णन किया। कथा श्रवण करते हुए उपस्थित श्रद्धालु भाव-विह्वल हो उठे।
स्वामी भास्करानन्द महाराज की परीक्षित रूप में मौजूदगी में चल रही इस कथा में आचार्य खुशी राम महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि सत्कर्म के मार्ग पर चलकर ही ईश्वर की प्राप्ति संभव है। उन्होंने आगे जगत माता सती जी एवं भगवान शंकर जी के विवाह प्रसंग, सती जी द्वारा भगवान राम की परीक्षा, भगवान शंकर द्वारा सती जी का परित्याग तथा राजा दक्ष के यज्ञ विध्वंस की मार्मिक कथा का श्रवण कराया।
कथा के मधुर प्रसंगों ने वातावरण को भक्ति रस से सराबोर कर दिया। श्रोता कथा के अमृत रस में डूबकर आत्मविभोर हो उठे।
कथा प्रबंधक पं. केशव दत्त मिश्रा ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 13 नवम्बर तक चलेगा। इसके उपरांत भंडारा एवं सामूहिक प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन किया जाएगा।
कार्यक्रम में पं. जगदत्त मिश्रा, प्रेम शंकर मिश्रा, विश्वनाथ मिश्रा, देवेंद्र सिंह, ग्रीन भान सिंह, रामचंद्र सिंह शाक्य समेत समस्त ग्रामवासी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं।
गांव का वातावरण इन दिनों कथा श्रवण एवं भक्ति भाव से ओत-प्रोत है।
Budaun Amarprabhat