बिल्सी, 11 नवम्बर। जैन समुदाय के परम तपस्वी संत रत्न आचार्य 108 वसुनंदी जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य उपाध्याय 108 प्रज्ञा नंद जी मुनिराज का ससंघ भव्य मंगल प्रवेश बिल्सी में 11 नवम्बर को प्रातः 11 बजे ढोल-लंगाड़ो के साथ हुआ।
प्रवास स्थल ज्वाला प्रसाद जैन स्कूल बिल्सी पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में प्रवचन, जलाभिषेक एवं शांतिधारा का आयोजन श्री 1008 चंद्र प्रभु दिगम्बर जैन मंदिर में सम्पन्न हुआ।
उपाध्याय मुनि 108 प्रज्ञानंद सागर ने प्रवचन के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन और मृत्यु के सत्य के बारे में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा, “आंख खुली तो सपना गया, आंख मुंदी तो अपना गया। जीवन में कोई भी कार्य करो, उसे अंतिम कार्य मानकर करो, तभी जीवन में दुख नहीं आएगा। मृत्यु ही जीवन का सत्य है। इसलिए अधिक से अधिक पुण्य और शुभ कर्म करें।” उन्होंने आगे कहा कि जीवन में धर्मरूपी पुत्र बनाना चाहिए, जो अंतिम सांस तक सुख प्रदान करे।
समाज के अध्यक्ष मृगांक कुमार जैन उर्फ टीटू जैन ने बताया कि महाराज वर्तमान में फिरोजाबाद के फराह में पंचकल्याणक हेतु पैदल यात्रा कर रहे हैं, जिनका रात्रि विश्राम विद्रोही में होगा। इस अवसर पर समाज की मीडिया प्रभारी प्रशांत कुमार जैन, नीरज जैन, अनिल जैन, आशीष जैन और अभिषेक जैन सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
बिल्सी अमर प्रभात प्रतिनिधि
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Budaun Amarprabhat