
– छात्राओं को आत्मनिर्भरता, सुरक्षा और सम्मान के प्रति किया गया जागरूक
बदायूं, अमर प्रभात प्रतिनिधि।
गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय में मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत एक प्रेरक एवं जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता के रूप में प्रसिद्ध समाजसेविकाएँ डॉ. ममता नौगरिया और डॉ. प्रतिभा गुप्ता ने प्रतिभाग किया। आयोजन का उद्देश्य छात्राओं को मिशन शक्ति के मूल सिद्धांतों, उद्देश्यों और इसके सामाजिक महत्व से अवगत कराना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पण के साथ हुआ। दीप प्रज्ज्वलन का कार्य महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. सरला चक्रवर्ती, मुख्य अतिथि डॉ. ममता नौगरिया, डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. इंदु शर्मा, डॉ. उमा सिंह गौर, मिशन शक्ति प्रभारी शालू गुप्ता, सहसंयोजिका अवनीशा वर्मा एवं समस्त शिक्षिकाओं द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
प्राचार्या डॉ. सरला चक्रवर्ती ने अतिथि वक्ताओं का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। मिशन शक्ति प्रभारी शालू गुप्ता ने मुख्य अतिथियों का परिचय कराते हुए उनके सामाजिक योगदान पर प्रकाश डाला, जिसके बाद सहसंयोजिका अवनीशा वर्मा ने अतिथियों को व्याख्यान हेतु मंच पर आमंत्रित किया।
मुख्य वक्ता डॉ. ममता नौगरिया ने अपने संबोधन में मिशन शक्ति के अर्थ, उद्देश्य और सामाजिक प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है, जो उन्हें समाज में सम्मान और सुरक्षा का अधिकार दिलाने में सहायक है।
इसके पश्चात डॉ. प्रतिभा गुप्ता ने मिशन शक्ति के तीन आधार स्तंभ — सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन — पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये स्तंभ महिलाओं को सशक्त, जागरूक और आत्मविश्वासी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि प्रत्येक युवती अपने अधिकारों के प्रति सजग रहे और समाज में अपनी सकारात्मक पहचान स्थापित करे।
महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापिकाएँ डॉ. इंदु शर्मा, डॉ. उमा सिंह गौर और डॉ. इति अधिकारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. इंदु शर्मा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाएँ शिक्षा और आत्मविश्वास के बल पर स्वयं को सक्षम बनाएँ। वहीं डॉ. उमा सिंह गौर ने मिशन शक्ति को “महिला चेतना का प्रतीक” बताते हुए कहा कि यह अभियान महिलाओं के भीतर छिपी ऊर्जा को जाग्रत करने का माध्यम है। डॉ. इति अधिकारी ने अपनी रचना के माध्यम से छात्राओं को प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में प्राचार्या डॉ. सरला चक्रवर्ती ने अतिथि वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन छात्राओं में आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति केवल एक अभियान नहीं, बल्कि महिलाओं के सशक्त भविष्य की परिकल्पना है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की सभी शिक्षिकाएँ एवं छात्राएँ उपस्थित रहीं। पूरा आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ और परिसर में महिला सशक्तिकरण का संदेश गूंज उठा।
Budaun Amarprabhat