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बदायूं।
पूर्व कमिश्नर बाबा हरदेव सिंह विचार मंच की ओर से जिला कार्यालय, मोहल्ला जवाहरपुरी में 16 नवंबर को एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मंच के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भ्रष्टाचार के बढ़ते प्रभाव, उसके दुष्परिणाम और समाधान पर विस्तृत चर्चा की।
डॉ. हरिनंदन सिंह ने बताए भ्रष्टाचार रोकने के 10 उपाय
बरेली मंडल के मंडल अध्यक्ष डॉ. हरिनंदन सिंह ने अपने संबोधन में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए 10 महत्वपूर्ण उपाय बताए, जिनमें शामिल हैं—
1. सरकारी प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण
2. सूचना का अधिकार (RTI) के माध्यम से पारदर्शिता
3. कठोर कानून और त्वरित न्याय व्यवस्था
4. नागरिकों की जागरूकता व भागीदारी
5. ई-गवर्नेंस को बढ़ावा
6. डिजिटल लेन-देन को प्रोत्साहन
7. सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता
8. भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं को मजबूती
9. सशक्त जवाबदेही और निगरानी तंत्र
10. नैतिक शिक्षा को बढ़ावा
उन्होंने कहा कि इन कदमों के प्रभावी क्रियान्वयन से भ्रष्टाचार में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
“भ्रष्टाचार गरीबों को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाता है” – जिला अध्यक्ष
जिला अध्यक्ष देवेंद्र सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार गरीब तथा कमजोर वर्ग को सबसे अधिक प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि रिश्वतखोरी, गबन, भाई-भतीजावाद, सत्ता का दुरुपयोग और धोखाधड़ी—ये सभी भ्रष्टाचार के रूप हैं जो देश की संपत्ति और व्यवस्था का शोषण करते हैं।
कानून सख्त हों और तकनीक का उपयोग बढ़े – जिला उपाध्यक्ष
जिला उपाध्यक्ष ऋषि नंदन शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार रोकने के लिए डिजिटलीकरण, सुदृढ़ कानूनी ढांचा, ई-गवर्नेंस, ई-टेंडरिंग और लाभों को सीधे लाभार्थियों तक पहुँचाने की व्यवस्था आवश्यक है।
उन्होंने व्हिसलब्लोअर संरक्षण और सार्वजनिक निगरानी को भी महत्वपूर्ण बताया।
संगठनात्मक संस्कृति सुधरे – जिला सचिव
जिला सचिव राजू कश्यप ने कहा कि सरकारी तथा गैर-सरकारी संगठनों में पारदर्शी और नैतिक संस्कृति विकसित करने से भ्रष्टाचार में कमी आएगी। साथ ही, जन-जागरूकता को बढ़ाना भी अत्यंत प्रभावी उपाय है।
कार्यक्रम में कई पदाधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में बरेली मंडल उपाध्यक्ष प्रेम साहू, धर्मपाल कश्यप, दिलावर हुसैन, बनवारी सिंह यादव, मुकेश कश्यप, फरियाद अली अल्वी, हुकुम
Budaun Amarprabhat