
विश्व के 75 देशों में कार्यरत, 10 लाख से अधिक पूर्व छात्र जुड़े पोर्टल से
बरेली।
कान्ती कपूर सरस्वती बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में द्विदिवसीय प्रवास पर पहुंचे विद्या भारती के केंद्रीय अधिकारी तथा अखिल भारतीय सह-संगठन मंत्री यतींद्र कुमार शर्मा ने कहा कि विद्या भारती विश्व का सबसे बड़ा शैक्षिक संगठन बन चुका है और अब उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी अपने प्रकल्प शुरू करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि विद्या भारती वर्तमान में 35 लाख छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्रदान कर रहा है, जिसमें एक लाख से अधिक आचार्य एवं आचार्या शिक्षण कार्य में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन आज विश्व के 75 देशों में शिक्षा, संस्कार और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रसार कर रहा है।
10 लाख से अधिक पूर्व छात्र जुड़े पोर्टल से
यतींद्र कुमार ने बताया कि देशभर के 10 लाख से अधिक पूर्व छात्र विद्या भारती के पोर्टल से जुड़ चुके हैं। संगठन का उद्देश्य पूर्व छात्रों को एक वैश्विक मंच पर लाना है, जहाँ उनकी प्रतिभा और उपलब्धियां दुनिया के सामने आएं।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिवर्ष सिविल सेवाओं में विद्या भारती के छात्र-छात्राओं का चयन बढ़ रहा है, जो संस्था की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है।
—
द्विदिवसीय प्रवास में विभिन्न बैठकों का आयोजन
प्रवास के पहले दिन बंदना सत्र में यतींद्र कुमार ने छात्राओं को विद्या भारती के लक्ष्य, संस्कृति और स्मृति क्षमता पर विशेष मार्गदर्शन दिया।
पहले दिन आयोजित प्रमुख कार्यक्रम और अवलोकन—
शिशु वाटिका अवलोकन
पंचपदी शिक्षण पद्धति का अवलोकन
अभिभावक बैठक
स्वावलंबी पूर्व छात्र सम्मेलन
छात्राओं से संवाद
संस्कार केंद्र अवलोकन
प्रबंध समिति बैठक
दूसरे दिन ब्रज प्रांत के जिला केंद्रों के प्रबंध समिति सदस्यों, प्रधानाचार्यों, प्रबंधकों और प्रांत कार्यकारिणी के साथ विद्या भारती के विकास तथा भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की गई।
—
प्रवास में अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी रहे उपस्थित
इस अवसर पर उपस्थित रहे—
ब्रज प्रांत संगठन मंत्री हरिशंकर जी, प्रदेश निरीक्षक (नगरीय शिक्षा) यशवीर सिंह राघव, सह प्रदेश निरीक्षक (शिशु शिक्षा) हरवीर सिंह, मंत्री भारतीय शिक्षा समिति डॉ. अनिल गर्ग, प्रदेश प्रभारी शिशु वाटिका राम किशोर श्रीवास्तव, जिला समन्वयक सुनील कुमार सिंह,
प्रधानाचार्य सुनील सिंह (सरस्वती शिशु मंदिर, नैनीताल रोड),
डॉ. रवि शरण सिंह (प्रधानाचार्य जय नारायण),
विद्यालय प्रबंध समिति की अध्यक्षा डॉ. रश्मि शर्मा,
व्यवस्थापिका श्रीमती सरोज अग्रवाल,
सह-व्यवस्थापिका श्रीमती मोना शर्मा,
कोषाध्यक्ष डॉ. सुषमा दीक्षित,
सदस्या डॉ. माया खुल्वे,
प्रधानाचार्या **
Budaun Amarprabhat