आई एम खान, बिसौली।
नगर के मदरसा फैजान-ए-रजाए मुस्तफा में मंगलवार को प्रिंसिपल इफ्तेखार अहमद अशरफी की सरपरस्ती में जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन गरिमा के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में हाफिज-ए-कुरान बनने वाले हाफिज मोहम्मद सुबहान रजा (बल्द शकील अहमद सैफी, बिसौली), हाफिज मोहम्मद साहिल (बल्द असरार अहमद, ग्राम सुराही बिल्सी) तथा हाफिज मुशर्रफ हुसैन (बल्द रुस्तम हुसैन, मौजमपुर) का फूलमालाओं से स्वागत कर पगड़ी बांधकर दस्तारबंदी की गई।
जलसे को संबोधित करते हुए मदरसा प्रिंसिपल इफ्तेखार अहमद अशरफी, मदर्रिस कारी अब्दुल गफ्फार लतीफी, बड़ी मस्जिद के इमाम मौलाना बिलाल अख्तर, कादरी मस्जिद के मौलाना अफलाक रजा उवैसी, मस्जिद बिलाल के इमाम कारी शादाब रज़ा उवैसी, हसनी मस्जिद के इमाम हाफिज फुरकान, जामा मस्जिद के इमाम हाफिज अब्दुल मुक्तदिर, नूरी मस्जिद के इमाम हाफिज मोहम्मद नदीम सहित कई उलेमा ने खिताब किया।
उलेमा-ए-कराम ने कहा कि बच्चों को दुनियावी तालीम के साथ-साथ कुरान की तालीम देना बेहतरीन अमल है। उन्होंने अभिभावकों से मदरसों से जुड़ने और इस्लामी शिक्षा को बढ़ावा देने की अपील की।
कार्यक्रम में मुस्तफा कमेटी के शफी मोहम्मद इसहाक सैफी, शब्बीर हुसैन, अमीर अहमद, मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद मुबीन, अब्दुल मुजीब, हाजी रईस अहमद, नासिर हुसैन समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat