बदायूं, 28 नवम्बर 2025।
पुलिस लाइन स्थित सभागार कक्ष में आज अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. ह्रदेश कठेरिया की अध्यक्षता में विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) एवं एएचटी (मानव तस्करी रोधी थाना) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बाल संरक्षण एवं मानव तस्करी से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर केंद्रित यह बैठक पुलिस व संबंधित विभागों के बीच समन्वय को और सुदृढ़ बनाने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण रही।
गोष्ठी में पॉक्सो एक्ट और बाल विवाह निवारण से जुड़े प्रमुख कानूनी प्राविधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बाल संरक्षण संबंधी समस्याओं—जैसे पीड़िता के सुरक्षित आवासन, बाल गुमशुदगी के मामलों की रोकथाम, बाल श्रम उन्मूलन, नशा मुक्ति अभियान, बाल भिक्षावृत्ति नियंत्रण, लैंगिक समानता, बाल विवाह निरोध, तथा किशोर न्याय अधिनियम 2015 में हुए प्रमुख संशोधनों—पर व्यापक चर्चा की।
बैठक में पॉक्सो अधिनियम की आवश्यक प्रक्रियाओं—CWC को 24 घंटे में सूचना, फार्म A एवं B की पूर्ति, बाल कल्याण अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ, तथा पीड़िता की पहचान की गोपनीयता बनाए रखने जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जोर दिया गया।
साथ ही बाल विवाह की रोकथाम, शिशु लिंगानुपात सुधार, तथा इनसे सम्बंधित विभागों व संस्थाओं की भूमिका पर भी विशेष विमर्श हुआ।
अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. ह्रदेश कठेरिया ने कहा कि—
“समाज में बाल सुरक्षा एवं मानव तस्करी के विरुद्ध चल रहे प्रयास तभी प्रभावी होंगे, जब सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ एक दिशा में कार्य करें। यह बैठक सतत् विकास, न्याय और मानवीय दायित्वों को और मजबूत करती है।”
बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इनमें शामिल रहे—
बाल कल्याण समिति से सुयोग्य कुमार, नन्द किशोर पाठक;
महिला कल्याण एवं जिला प्रोबेशन कार्यालय से रवि कुमार;
अभियोजन विभाग से अमोल जौहरी;
चाइल्ड हेल्पलाइन बदायूं से कमल शर्मा;
वन स्टॉप सेंटर से रूही पटेल;
स्वास्थ्य विभाग से डॉ. पवन जोशी;
किशोर न्याय बोर्ड से अरविंद कुमार;
श्रम विभाग से अमित कुमार;
दत्तक ग्रहण इकाई से श्रीमती प्रियंका जौहरी;
बेसिक शिक्षा विभाग से सुश्री प्रगति सक्सैना;
डीआईओएस चंद्रभान यादव;
काशी समाज शिक्षा संस्थान से गंगा सिंह;
समग्र विकास संस्थान से श्रीमती साक्षी शर्मा;
तथा जनपद के सभी थानों से बाल कल्याण पुलिस अधिकारी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य बाल सुरक्षा, न्याय, सम्मान और संवेदनशीलता को प्राथमिकता में रखते हुए जनपद में सुरक्षा तंत्र को अधिक प्रभावी तथा उत्तरदायी बनाना रहा।
— बदायूं से गोविन्द देवल की रिपोर्ट
Budaun Amarprabhat