बदायूं। अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद, अवध प्रान्त, उत्तर प्रदेश ने मध्य प्रदेश में तैनात आई.ए.एस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में गंभीर चिंता व्यक्त की है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा और राष्ट्रीय संरक्षक पूर्व उप पुलिस महानिरीक्षक जुगुल किशोर तिवारी बुन्देला के आवाहन पर परिषद के सदस्यों ने आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूं ब्रजेश कुमार सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपकर समुचित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराने की मांग की।
ज्ञातव्य है कि आई.ए.एस अधिकारी संतोष वर्मा ने अपने भाषण में कहा था कि “जब तक ब्राह्मण मेरे बेटे को अपनी बेटी दान में न दें या उससे उसका संबंध स्थापित नहीं करें, तब तक आरक्षण खत्म न हो।” इस टिप्पणी से न केवल ब्राह्मण समाज बल्कि समस्त समाज के लोगों की आत्मा आहत हुई है और उक्त वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया।
अपने वक्तव्य में वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष राम अवतार मिश्रा ने कहा कि एक जिम्मेदार अधिकारी को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था। यह न केवल अनुचित है, बल्कि समाज में वैमनस्य और टकराव पैदा करने वाला है। जिला अध्यक्ष अमन पाठक ने कहा कि संतोष वर्मा का यह कथन समाज में दूषित वातावरण पैदा करने वाला है, इसलिए उनके खिलाफ समुचित कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है।
मंडल अध्यक्ष गोविंद द्विवेदी और मंडल सचिव कैलाश चंद्र मिश्र ने भी आई.ए.एस अधिकारी के बयान की घोर भर्त्सना की और कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में एकांश शर्मा, शिव कान्त शर्मा, अमन शर्मा, अंकित मिश्रा, विराट दुबे, अजय शर्मा, सुमित मिश्रा, गौतम मिश्रा, सचिन शंखधर, राजुल शर्मा, सौरभ शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और विप्र बंधु मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat