संवाददाता : गोविंद देवल
बिल्सी। 9 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारी बिल्सी गल्ला मंडी में स्थित सरकारी क्रय केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे। उनका कहना है कि केंद्र पर कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं था और सरकारी ताला लगा हुआ था। जिला प्रवक्ता शाहिद अली द्वारा इसका वीडियो भी बनाया गया। किसान नेताओं ने क्रय केंद्र से खाली हाथ वापस लौटकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि किसान नेताओं को जानकारी मिली कि क्रय केंद्र 30 नवंबर को खोला गया और 6 दिसंबर को बंद कर दिया गया, जबकि सरकारी बैनर पर खुलने और बंद होने की तिथि क्रमशः 1 अक्टूबर 2025 और 31 जनवरी 2026 अंकित थी। डिप्टी आरओ को फोन करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ।
भारतीय किसान यूनियन टिकैत की टीम 26 नवंबर को वजीरगंज, उझानी, सहसवान और बदायूं के चार क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर चुकी है। टीम का कहना है कि इनमें से केवल एक केंद्र सक्रिय रूप से काम कर पाया। खरीदी में रोजाना लक्ष्य 600 क्विंटल दिखाया गया, जबकि वास्तविक खरीदी मुश्किल से 200 क्विंटल हो पा रही थी।
किसानों का आरोप है कि जिले में बाजरा माफियाओं द्वारा बेचा गया और किसानों का 20% बाजरा भी क्रय केंद्रों पर नहीं बिका। यूनियन ने कहा कि पूरे प्रकरण की शिकायत मुख्यमंत्री को भेजी जाएगी ताकि किसानों का बाजरा सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीदा जाए।
ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष रामा शंकर शंख धार, जिला प्रभारी झाझन सिंह, जिला युवा अध्यक्ष अमरपाल सिंह, जिला प्रवक्ता शाहिद अली, सहसवान ब्लॉक अध्यक्ष महिपाल सिंह यादव शामिल थे।
किसान नेताओं ने जय जवान, जय किसान, जय टिकैत, जय टिकैत परिवार का नारा भी लगाया।
Budaun Amarprabhat