बदायूँ। संवाददाता गोविंद देवल
भारतीय किसान यूनियन चढूनी की मासिक पंचायत शनिवार को मालवीय आवास गृह में आयोजित हुई, जहाँ किसानों के मुद्दे एक बार फिर गरमाए रहे। पंचायत में प्रशासन पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए संगठन ने आठ सूत्रीय माँगपत्र सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार पाल के माध्यम से जिलाधिकारी को सौंपा।
पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने बताया कि दहगवां नगर में गाटा संख्या 1476 ग्राम समाज की भूमि, जो किसानों के लिए घूर गड्ढा के रूप में चिन्हित है, उस पर दबंगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। मामला तहसीलदार न्यायालय में विचाराधीन है, जहाँ तहसीलदार ने लगभग पैंतालीस हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए कब्जा हटाने का आदेश दिया था। साहू ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग न तो जुर्माना वसूल सका और न ही ग्राम समाज की भूमि को मुक्त करा सका। उन्होंने चेतावनी दी कि— “यदि प्रशासन ने जल्द कार्यवाही न की तो संगठन आंदोलन को मजबूर होगा।”
प्रदेश सचिव आसिम उमर ने कहा कि जनपद में हरित क्रांति लाने के लिए आवश्यक है कि भैंसोर, अरिल, सोत और महावा नदियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराकर उन्हें सदा नीरा करने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाए। इससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।
जिला प्रभारी कृष्ण अवतार शाक्य ने उझानी कृषि उत्पादन मंडी समिति में वर्षों से जमे कर्मचारियों पर निशाना साधते हुए कहा कि विभागीय सांठगांठ से इनके तबादले रोके जाते हैं। उनके अनुसार, इन कर्मचारियों का किसानों के प्रति व्यवहार भी ठीक नहीं रहता, इसलिए इनके स्थानांतरण की कार्यवाही तत्काल होनी चाहिए।
जिला महासचिव बीईशू दास ने सहकारी समितियों में किसानों को इफ्को यूरिया और डीएपी की कमी का मुद्दा उठाया और प्रशासन से मांग की कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि रबी सीजन में किसानों को परेशानी न झेलनी पड़े।
पंचायत के समापन पर भाकियू चढूनी ने जिलाधिकारी को संबोधित आठ सूत्रीय ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
कार्यक्रम में जिला प्रचार मंत्री शरीफ़ अब्बासी, जिला सचिव डॉ. महेंद्र पाल, नगर उपाध्यक्ष नूरुद्दीन अंसारी, बिसौली तहसील अध्यक्ष रजनेश उपाध्याय, ब्लॉक अध्यक्ष सत्येंद्र यादव, यादवेंद्र यादव, गंगादीन, कल्लू, देवकिशोर सागर, हरि सिंह, मुंशी, बलवीर सिंह, विमलेश कुमार, शिवम शंखधार, राम सिंह, शैलेश कुमार समेत अनेक किसान और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
किसानों ने ऐलान किया कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
Budaun Amarprabhat