संवाददाता –मुदित प्रताप सिंह 
फतेहगंज पश्चिमी। चार दिन पहले फाइनेंस कंपनी कर्मियों से हुई लूट का पुलिस ने शुक्रवार को खुलासा कर दिया। एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि चार अन्य आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 80 हजार रुपए नकद, एक टैबलेट, 315 बोर का अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की है।
एसपी मुकेश मिश्रा ने बताया कि 8 दिसंबर की शाम जिला रामपुर निवासी फाइनेंस कंपनी कर्मी लालाराम, अपने साथी सुनील के साथ मीरापुर गांव से किस्तों की वसूली कर बाइक से लौट रहे थे। रहपुरा अंडरपास से पहले बाइक सवार बदमाशों ने उनका बैग झपट्टा मारकर छीन लिया। बैग में एक लाख 20 हजार रुपए, दो मोबाइल फोन और एक सैमसंग कंपनी की टैबलेट थी।
घटना की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद एसएसपी के निर्देश पर एसओजी और थाना पुलिस की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में पीड़ित के आगे-पीछे चल रही दो संदिग्ध बाइकों की पहचान कर पुलिस ने 10–12 संदिग्धों को उठाकर पूछताछ की। मुखबिर से मिली सटीक सूचना पर गुरुवार देर रात रहपुरा अंडरपास के पास रबर फैक्ट्री के मैदान में झाड़ियों में छिपे चार युवकों को दबोच लिया गया।
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए युवकों ने अपने नाम अंकित (निवासी रफियाबाद), रन सिंह, गोविंद उर्फ जहरीला और मोनू उर्फ मोरपाल (सभी निवासी रहपुरा) बताए। कड़ी पूछताछ में चारों ने लूट की वारदात कबूल करते हुए बताया कि यह घटना उन्होंने अपने फरार साथियों—अजय गंगवार (भोलापुर), भूपेंद्र गुर्जर (रफियाबाद), सुमित और उबैश (रहपुरा)—के साथ मिलकर निजी खर्च पूरे करने के लिए की थी। गोविंद और उबैश पीड़ित की रेकी कर रहे थे।
पुलिस ने तलाशी में 80 हजार रुपए नगद, लूटी गई टैबलेट, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए। चारों आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार अंकित के खिलाफ पहले से ही स्थानीय थाना क्षेत्र में दो मुकदमे दर्ज हैं, जबकि रन सिंह, गोविंद और मोनू पहली बार जेल गए हैं।
Budaun Amarprabhat