संवाददाता : गोविंद देवल
बिसौली। पंडित हरनारायण सरस्वती विद्या मंदिर, बगरैन में बुधवार को “सप्तशक्ति संगम” कार्यक्रम का आयोजन भव्य रूप से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से हुआ। इसके पश्चात् आचार्या शालिनी ने मंचासीन मातृ शक्तियों का परिचय प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि डॉ. निशि अवस्थी ने माताओं एवं बहनों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पुनशलोका अहिल्याबाई होल्कर की भांति न्यायप्रिय और साहसी बनें। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे अपने धर्म के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं श्रद्धा भाव रखते हुए समाज और राष्ट्र के उत्थान में अपनी भूमिका का निर्वहन करें।
विशिष्ठ अतिथि तनुजा सक्सेना ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य नारायणी अर्थात नारी के सप्त गुणों—कीर्ति, श्री, वाक, स्मृति, मेधा, धृति और क्षमा—को जागृत करना है। उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके साहस और वीरता के गुणों को आत्मसात करने का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम की संयोजिका सुरक्षा ने प्रश्नोत्तरी सत्र के माध्यम से मानवीय मूल्यों, भारत की आध्यात्मिक संस्कृति, परंपराओं, ऋषियों-मुनियों और धार्मिक ग्रंथों का स्मरण कराया। प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
अंत में विद्यालय की आचार्या प्रीती ने सभी मातृ शक्तियों के प्रति आभार व्यक्त किया और शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम समापन हुआ। इस अवसर पर सुरक्षा, प्रीती, शालिनी, गीता, रिंकी, पिंकी, माधुरी, मंजू सहित अन्य उपस्थित थे।
Budaun Amarprabhat