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बदायूँ: खादी एवं ग्रामोद्योग विकास से रोजगार सृजन में वृद्धि, सोलर चर्खा और मेकिंग मशीन वितरण जारी

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संवाददाता : गोविंद देवल

बदायूँ। उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में प्रथम बार वित्तीय वर्ष 2017-18 से खादी एवं ग्रामोद्योग विकास सतत रोजगार प्रोत्साहन नीति लागू की गई है। इस नीति के अंतर्गत ग्रामोद्योग की स्थापना, रोजगार सृजन, उद्योग/व्यापार में सरल वातावरण, नवाचार, विपणन, ब्रांडिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग जैसी विभिन्न व्यवस्थाओं के माध्यम से खादी एवं ग्रामोद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सोलर चर्खा वितरण एवं प्रशिक्षण:
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित इस योजना के तहत खादी उत्पादन केन्द्रों एवं पंजीकृत खादी संस्थाओं के माध्यम से कत्तिनों को प्रशिक्षण देकर सोलर चर्खा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य गुणवत्तायुक्त खादी उत्पादन को बढ़ाना और कत्तिनों की आय व आर्थिक क्षमता को बढ़ाना है। विगत सात वर्षों में 5832 कत्तिनों को सोलर चर्खे उपलब्ध कराए गए, जिससे 11664 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1000 कत्तिनों को सोलर चर्खा वितरित किया जा रहा है।

दोना मेकिंग मशीन वितरण:
ग्रामीण क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर और बेरोजगार कारीगरों को प्रोत्साहित करने हेतु यह योजना संचालित है। वर्ष 2018-19 से 2024-25 तक 2029 लाभार्थियों को टूलकिट्स उपलब्ध कराए गए, जिससे 6087 व्यक्तियों को रोजगार प्राप्त हुआ। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 580 लाभार्थियों को टूलकिट्स वितरित किए जा रहे हैं, जिससे 1740 व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा।

पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन वितरण:
भुर्जी समाज एवं अन्य कमजोर वर्ग के लोगों को आर्थिक सशक्तिकरण हेतु वर्ष 2021-22 से यह योजना जारी है। अब तक 2024 लाभार्थियों को टूलकिट्स उपलब्ध कराए गए और 6072 व्यक्तियों को रोजगार मिला। वर्ष 2025-26 में 750 लाभार्थियों को टूलकिट्स वितरित किए जा रहे हैं, जिससे 2250 व्यक्तियों को रोजगार उपलब्ध होगा।

तुलसी माला मेकिंग मशीन वितरण (जनपद मथुरा):
भारतीय औद्योगिकी संस्थान नई दिल्ली द्वारा विकसित मशीन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन हेतु पहली बार वित्तीय वर्ष 2024-25 में 195 चयनित अभ्यर्थियों को तुलसी माला मेकिंग मशीन निःशुल्क वितरित की गई।

ग्रामोद्योग समाधान सेल:
खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग द्वारा उद्यमियों को उद्योग स्थापना में आने वाली समस्याओं के समाधान हेतु मुख्यालय और जनपदीय कार्यालयों में हेल्प डेस्क एवं मोबाइल एप विकसित किया गया है। इसके माध्यम से उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जा रहा है।

यह नीति न केवल ग्रामोद्योग को बढ़ावा दे रही है, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को स्वरोजगार और आय के स्थायी साधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।


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