बदायूँ | इस्लामनगर
संवाददाता: गोविंद देवल
थाना इस्लामनगर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 163/17 धारा 363/366/376 भादवि एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट से संबंधित मामले में माननीय न्यायालय द्वारा अभियुक्त को कड़ी सजा सुनाई गई है। अभियुक्त रंजीत पुत्र हरपाल जाटव निवासी अग्ररास थाना इस्लामनगर जनपद बदायूँ के विरुद्ध विवेचना उप निरीक्षक श्री रणजीत बहादुर सिंह द्वारा पूर्ण कर आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया था।
इस अभियोग को श्रीमान पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे अभियान “ऑपरेशन कन्विक्शन” के अंतर्गत चिन्हित किया गया। अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित कर मॉनीटरिंग सेल जनपद बदायूँ तथा थाना इस्लामनगर के पैरोकार कांस्टेबल अंकुश कुमार द्वारा माननीय न्यायालय पॉक्सो कोर्ट-02 बदायूँ में सशक्त पैरवी की गई।
सशक्त पैरवी एवं प्रभावी अभियोजन के परिणामस्वरूप दिनांक 12 दिसंबर 2025 को माननीय न्यायालय पॉक्सो कोर्ट-02 बदायूँ द्वारा अभियुक्त रंजीत को विभिन्न धाराओं में निम्नलिखित दंड से दंडित किया गया—
धारा 363 भादवि के अंतर्गत 07 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये का अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 01 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास।
धारा 366 भादवि के अंतर्गत 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 25,000 रुपये का अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 02 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास।
धारा 376 भादवि के अंतर्गत 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 25,000 रुपये का अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 02 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास।
धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत 07 वर्ष का कठोर कारावास एवं 10,000 रुपये का अर्थदंड, अर्थदंड न देने पर 01 वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास।
इस प्रकरण में प्रभावी पैरवी करने वाले पैरोकार कांस्टेबल अंकुश कुमार थाना इस्लामनगर, लोक अभियोजक वीरेन्द्र सिंह वर्मा (एडीजीसी) एवं विवेचक उप निरीक्षक रणजीत बहादुर सिंह का योगदान सराहनीय रहा। यह निर्णय “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान की सफलता को दर्शाता है और अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का संदेश देता है।
Budaun Amarprabhat