मुख्य अतिथि नागालैंड सरकार के पूर्व मुख्य सचिव डॉ. जॉन आलम (आईएएस) ने अपने संबोधन में हकीम अब्दुल हमीद के विज़न, मिशन और सामाजिक सेवाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें एक युगद्रष्टा व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि हकीम साहब ने शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा के क्षेत्र में जो मानक स्थापित किए, वे आज भी प्रासंगिक हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक हैं।
विशिष्ट अतिथि डॉ. शकील अहमद ने कहा कि यूनानी चिकित्सा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए जिस वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अकादमिक अनुशासन और सामाजिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता है, उसकी ठोस नींव हकीम अब्दुल हमीद ने बहुत पहले ही रख दी थी। उन्होंने इस विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी पर बताते हुए युवाओं से इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर शैक्षणिक एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली छात्रों डॉ. साद अरशद सिद्दीकी, मिस मुबश्शिरा इरफ़ान, मिस ज़ारा मजीद, मिस्टर मुहम्मद तारिज़, मिस्टर नादिर सबा, मिस्टर मुहम्मद अकीब एवं मिस्टर सैयद ज़ैद मुनीर को अख़लाक़ हुसैन यंग एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन सपोर्ट सोसाइटी (2S) के संस्थापक महासचिव हकीम अजमल अख़लाक़ द्वारा किया गया।
Budaun Amarprabhat