डे-नाइट मुकाबलों में दिखा आर्किटेक्ट्स का जोश, पहले दिन खेले गए तीन मैच

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू) के क्रिकेट स्टेडियम में मुरादाबाद आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन (एमएए) की ओर से आयोजित डे-नाइट आर्किटेक्ट्स प्रीमियर लीग (एपीएल) का भव्य और रंगारंग शुभारंभ हुआ। कड़ाके की ठंड और कोहरे की धुंधली चादर के बावजूद उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से आए आर्किटेक्ट खिलाड़ियों का उत्साह और जुनून देखते ही बन रहा था। चौतरफा तालियों, सीटियों और ढोल की थाप के बीच स्टेडियम में देर शाम तक उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
बतौर मुख्य अतिथि टीएमयू कुलाधिपति श्री सुरेश जैन ने शंखनाद कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। उनके साथ वरिष्ठ आर्किटेक्ट श्री वाईपी गुप्ता एवं मुरादाबाद आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन की कार्यकारिणी ने दीप प्रज्ज्वलन कर तथा गुब्बारे उड़ाकर एपीएल का श्रीगणेश किया। अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय भी प्राप्त किया।
12-12 ओवर की इस प्रतियोगिता में मेजबान मुरादाबाद सहित उत्तर प्रदेश के सात शहरों—मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, प्रयागराज, बुलंदशहर, आगरा और बरेली—की टीमें भाग ले रही हैं। एपीएल में करीब 200 आर्किटेक्ट्स अपने खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
प्रतियोगिता के पहले दिन प्रयागराज बनाम बुलंदशहर, मेरठ बनाम बरेली तथा नोएडा बनाम गाजियाबाद के बीच मुकाबले खेले गए। प्रयागराज और बुलंदशहर के बीच हुआ मुकाबला सुपर ओवर तक पहुंचा, जिसमें बुलंदशहर ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। वहीं मेरठ ने बरेली को हराकर मुकाबला अपने नाम किया। ख़बर लिखे जाने तक नोएडा और गाजियाबाद के बीच मुकाबला जारी था।
दूसरी ओर, 19 दिसंबर को क्लार्क्स इन, मुरादाबाद के पूलसाइड लॉन में निर्माण सामग्री एवं भवन उद्योग से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठित ब्रांड्स की प्रदर्शनी भी आयोजित की गई, जिसे आर्किटेक्ट्स और आगंतुकों ने खासा सराहा।
एपीएल के दौरान एमएए के उपाध्यक्ष श्री भारत मलिक, महासचिव श्री अंतरिक्ष राठी, संयोजक श्री आरके मलिक, सह-संयोजक श्री मयूर गुप्ता, सह-संयोजक श्री अक्षत गर्ग, अध्यक्ष श्री अंकित अग्रवाल, यूपीएए स्पोर्ट्स कमेटी के चेयरमैन श्री योगेश त्यागी सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
एमएए के अध्यक्ष श्री निर्भय नाथ दीक्षित ने बताया कि इस लीग का उद्देश्य केवल खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश भर के आर्किटेक्ट्स को आपसी संवाद, सहयोग और सौहार्द का सशक्त मंच प्रदान करना भी है।
Budaun Amarprabhat