
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गड़रपुरा में चल रही भगवान बुद्ध की कथा के छठे दिन कथावाचक श्याम सुंदर बौद्ध ने उपाली नाई के भिक्षु बनने का प्रेरक प्रसंग सुनाया। इस दौरान उन्होंने भगवान बुद्ध के समता, करुणा और अहिंसा के संदेश को विस्तार से बताते हुए लोगों से उनके मार्गदर्शन पर चलने का आह्वान किया।
कथावाचक ने बताया कि उपाली एक साधारण नाई था, लेकिन भगवान बुद्ध ने उसे भिक्षु बनाकर यह संदेश दिया कि व्यक्ति की पहचान उसके कर्मों से होती है, न कि जाति या पद से। बुद्ध के संघ में उपाली को उच्च स्थान दिया गया, जिससे समाज में समानता और भाईचारे का भाव मजबूत हुआ। यह प्रसंग सुनकर पंडाल में मौजूद श्रोता भावविभोर हो उठे।
कथावाचक राजेश्वरी बौद्ध ने कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन हमें त्याग, संयम और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यदि मानव बुद्ध के बताए मार्ग को अपनाए तो समाज में व्याप्त भेदभाव, हिंसा और वैमनस्य स्वतः समाप्त हो सकते हैं।
कथा के दौरान बुद्ध वंदना और भजन भी प्रस्तुत किए गए, जिन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। इस अवसर पर हरवीर शाक्य, रिंकू शाक्य, अवनेश कुमार, श्याम बहादुर, शंकर लाल, चन्द्रपाल, किशन पाल, मोहनलाल, हरविलास, पानसिंह, सुनील कुमार, श्यामवीर, रामवीर, शिशुपाल, धर्मेंद्र कुमार, विनोद कुमार, चंद्रभान सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे।
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