संवाददाता: काजल मिश्रा
शाहजहांपुर। जनपद के निगोही थाना क्षेत्र से बिजली विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम विरसिंह निवासी लखवींदर पुत्र श्री खुशबचन ने थाना सदर बाजार में प्रार्थना पत्र देकर बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर बिना नोटिस मीटर उखाड़ने, अवैध वसूली, मारपीट, धमकी देने और फर्जी मीटर सरेंडर रिपोर्ट तैयार कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
पीड़ित के अनुसार उसके पिता के नाम से विद्युत कनेक्शन संख्या 2870788000 दर्ज है। आरोप है कि 19 नवंबर 2025 की शाम करीब सात बजे बिजली विभाग के कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना, नोटिस अथवा लिखित आदेश के उसके घर पहुंचे और गेट पर लगा विद्युत मीटर उखाड़कर ले गए। उस समय घर पर उसके माता-पिता मौजूद थे, जो पढ़े-लिखे नहीं हैं। मीटर हटाए जाने के बाद भी विभाग द्वारा नया मीटर नहीं लगाया गया, जिससे परिवार को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
पीड़ित का कहना है कि 29 दिसंबर 2025 को वह मीटर की सरेंडर रिपोर्ट लेने विभागीय कार्यालय पहुंचा, जहां उसे अलग-अलग अधिकारियों के पास भेजकर घंटों बैठाया गया। इसी दौरान उससे कथित तौर पर दो हजार रुपये की अवैध मांग की गई। रुपये देने से इनकार करने पर सहायक अभियंता हीरालाल गुप्ता, अवर अभियंता ब्रजेश, विजय मिश्रा समेत अन्य कर्मचारियों द्वारा अभद्रता किए जाने का आरोप है।
आरोप है कि विभागीय कर्मचारियों ने किसी अन्य उपभोक्ता का मीटर लाकर उसे उसी का मीटर बताते हुए जबरन सरेंडर रिपोर्ट तैयार कराई और दबाव बनाकर हस्ताक्षर करा लिए। विरोध करने पर गाली-गलौज, मारपीट की गई और जेब से 20 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि सहायक अभियंता द्वारा 50 हजार रुपये की और मांग की गई तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि उसे कार्यालय में घंटों बंधक बनाकर रखा गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
वहीं मामले में एसडीओ का पक्ष भी सामने आया है। एसडीओ का कहना है कि संबंधित उपभोक्ता स्वयं अपना कनेक्शन कटवाना चाहता था और उसका मीटर खराब था। उपभोक्ता मीटर चेक कराने के लिए विभाग आया था और उसने अपने हाथों से सरेंडर से संबंधित कागजात पर हस्ताक्षर किए हैं। एसडीओ के अनुसार मीटर की चारों सील टूटी हुई थीं, जिसका वीडियो उनके पास मौजूद है। उन्होंने उपभोक्ता द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार और झूठा बताया है।
फिलहाल पीड़ित ने पुलिस से नामजद व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। मामला उजागर होने के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Budaun Amarprabhat