संवाददाता: गोविन्द देवल
बदायूँ। 18 जनवरी 2026 को बदायूँ के विरुआ वाड़ी मंदिर से कछला तक निकलने वाली सनातन हिंदू एकता पद यात्रा की तैयारियां जोरों पर हैं। यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। जगह-जगह बैठकों के माध्यम से लोगों को पद यात्रा से जोड़ा जा रहा है और सनातन धर्म के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
सिविल लाइन क्षेत्र में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए यात्रा प्रमुख एवं भागवत प्रवक्ता आचार्य पं. श्री मुमुक्षु कृष्ण दद्दा जी महाराज ने कहा कि भारत की धरती पर जन्म लेने वाला प्रत्येक हिंदू, चाहे वह किसी भी समाज का हो, सबसे पहले सनातनी है। उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग निजी राजनीतिक लाभ के लिए हिंदुओं को जातिवाद में बांटकर समाज में विद्रोह फैलाने का कार्य कर रहे हैं, ऐसे लोगों का कोई ईमान नहीं होता।
आचार्य मुमुक्षु कृष्ण दद्दा जी महाराज ने हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि एक ओर छोटी-छोटी बातों पर समाज में बवाल खड़ा किया जाता है, वहीं दूसरी ओर जब समाज विशेष या बहन-बेटियों के सम्मान से जुड़े गंभीर मामलों पर चुप्पी साध ली जाती है, तो इससे सत्ता की लालसा स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग केवल किसी एक समाज की नहीं, बल्कि सर्व समाज की बहन-बेटियों के विरोधी हैं।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म सभी को जोड़ने का कार्य करता है, क्योंकि यह व्यक्तिगत और सामूहिक जीवन के लिए नैतिक और आध्यात्मिक ढांचा प्रदान करता है। सनातन धर्म केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जीवन पद्धति है, जो ध्यान, योग और ज्ञान के माध्यम से आत्म-साक्षात्कार का मार्ग दिखाती है। सनातन धर्म के मूल तत्व सत्य, अहिंसा, दान, दया और तप हैं।
इस अवसर पर आचार्य गुरुचरण मिश्र, रामऔतार मिश्र, विश्वनाथ शर्मा, घनेंद्र उपाध्याय, वेद प्रकाश शर्मा, डॉ. शैलेन्द्र कुमार सिंह, डॉ. शैलेश पाठक, सुनील सपड़ा, अजय कुमार मिश्रा, गिरीश चन्द्र पाराशरी, मुन्नालाल फौजी, इंजीनियर अनिल शर्मा, अमन रस्तोगी, शशांक रायजादा, दिनेश चन्द्र मिश्र, राजेश शर्मा, अवधेश श्रोत्रिय, कन्हैया लाल गुप्ता, अरविंद शर्मा, आमोद मिश्रा, डॉ. श्रीमती उमा सिंह गौर, अमिता उपाध्याय, रचना शंखधार, गायत्री मिश्रा, रजनी मिश्र, मती पूनम सिंह, करुणा सोलंकी, नवल किशोर शर्मा, प्रिंसदेव शर्मा, मुकेश पटवा, विनोद सूर्यवंशी, ऊषा रस्तोगी सहित अनेक लोगों ने पद यात्रा को तन, मन और धन से सहयोग करने का आश्वासन दिया।
बैठक के अंत में यात्रा को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसमें सहभागिता की अपील की गई।
Budaun Amarprabhat