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त्रिदिवसीय स्काउट–गाइड प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ, सेवा व अनुशासन का मिला संदेश

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बदायूँ।
म्याऊ क्षेत्र के गंगाधर पाठक बाल विद्या मंदिर, गूरा बरैला में आयोजित त्रिदिवसीय स्काउट–गाइड प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और सेवा-भाव के संदेश के साथ हुआ। शिविर के पहले ही दिन छात्र-छात्राओं में उत्साह और सीखने की ललक साफ दिखाई दी।
शिविर के दौरान बच्चों को विकास के साथ-साथ सामाजिक दायित्व, आत्मनिर्भरता और आपदा प्रबंधन जैसे आवश्यक जीवन कौशल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्काउट–गाइड को बाढ़, भूकंप, आगजनी और दुर्घटनाओं जैसी प्राकृतिक आपदाओं में बचाव एवं राहत कार्यों की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। साथ ही सीमित संसाधनों में सुव्यवस्थित जीवन जीने की कला, एकता व अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के अंतर्गत राष्ट्रध्वज का सम्मान, ध्वजारोहण के नियम, स्काउटिंग आंदोलन का इतिहास, प्रार्थना, झंडा गीत, प्रतिज्ञा, सैल्यूट, बायां हाथ मिलाने की परंपरा तथा विभिन्न ड्रिल के माध्यम से छात्रों को व्यवहारिक ज्ञान कराया गया।
वरिष्ठ शिक्षक विमल पाठक ने स्काउट ध्वज फहराते हुए कहा कि स्काउटिंग संस्कारों की प्रयोगशाला है, जहां से निकलकर विद्यार्थी जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनते हैं।
प्रधानाचार्य सुरभित पाठक ने कहा कि सच्चा स्काउट वही है जो विपरीत परिस्थितियों में भी मानवता की सेवा को सर्वोपरि रखता है और राष्ट्रहित के लिए सदैव तत्पर रहता है।
पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि आज का युग केवल शैक्षणिक सफलता का नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का भी है। स्काउट–गाइड युवाओं में अनुशासन, निष्ठा और सेवा-भाव का विकास करते हैं तथा संकट की घड़ी में आगे बढ़कर सेवा करना सिखाते हैं, यही सच्चे राष्ट्रधर्म की पहचान है।
शिक्षक गौरव सिंह ने कहा कि यदि युवा स्काउटिंग की भावना को अपने जीवन में उतार लें तो कोई भी चुनौती राष्ट्र की उन्नति को रोक नहीं सकती।
शिक्षक रत्नेश पाठक ने कहा कि स्काउट का जीवन सेवा, सतर्कता और समर्पण पर आधारित होता है और शिविर में छात्र-छात्राएं पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण ले रहे हैं।
इस अवसर पर वेदराम, अनुराग पाठक, राजवीर सिंह, सुरजीत कुमार सहित अन्य शिक्षक व प्रशिक्षक मौजूद रहे।


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