बदायूं।
श्रद्धा, संवेदना और विनम्रता—ये वे भाव हैं, जो किसी महान व्यक्ति की पुण्यतिथि पर स्वतः अपेक्षित होते हैं। किंतु बदायूं जिले में आयोजित एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान कुछ नेताओं की मुस्कुराती तस्वीरें सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
बताया जा रहा है कि आज नेताजी की पुण्यतिथि के अवसर पर जिले में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा माल्यार्पण करते हुए खिंचवाई गई तस्वीरों में गंभीरता के स्थान पर मुस्कान दिखाई दी। यही तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं और लोग इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं का कहना है कि जब हम किसी को उनकी पुण्यतिथि पर स्मरण करते हैं, तो यह केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि श्रद्धा भाव से किया गया नमन होना चाहिए। ऐसे अवसर पर सिर झुका होना, चेहरे पर गंभीरता और मन में सम्मान का भाव अपेक्षित होता है।
कुछ लोगों ने यह भी टिप्पणी की है कि श्रद्धांजलि का उद्देश्य फोटो खिंचवाना नहीं, बल्कि उस व्यक्तित्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना होना चाहिए। वहीं, कुछ समर्थकों का कहना है कि तस्वीरें क्षण विशेष की हो सकती हैं और उनका गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
फिलहाल, यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। यह बहस जरूर एक सवाल छोड़ जाती है—क्या सार्वजनिक जीवन में जुड़े लोगों को ऐसे संवेदनशील अवसरों पर और अधिक सतर्कता नहीं बरतनी चाहिए?
Budaun Amarprabhat