संवाददाता: गोविंद देवल
बिसौली। सिद्व बाबा इंटर कॉलेज शरह बरौलिया के मैदान में चल रही राम कथा के आठवें दिन सोमवार को कथा व्यास प्रेममूर्ति पंकज मिश्र ने जटायु–रावण संघर्ष और राम–सुग्रीव मित्रता प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भावविभोर होकर भक्ति रस में डूबे नजर आए।
कथा व्यास पं. प्रेममूर्ति पंकज मिश्र ने कहा कि राम कथा में जटायु का प्रसंग त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का अनुपम उदाहरण है। सीता हरण के समय वृद्ध गिद्धराज जटायु रावण से अकेले युद्ध करते हैं और माता सीता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर देते हैं। घायल अवस्था में वे भगवान श्रीराम को रावण के विषय में बताते हैं और अंत में प्रभु श्रीराम के चरणों में प्राण त्याग कर मोक्ष प्राप्त करते हैं। भगवान राम द्वारा स्वयं जटायु का अंतिम संस्कार किया जाना उनकी महान भक्ति का प्रमाण है।
कथा वाचक ने राम और सुग्रीव की मित्रता का वर्णन करते हुए बताया कि यह मित्रता हनुमान जी के माध्यम से स्थापित होती है। सीता माता की खोज में श्रीराम किष्किंधा पहुंचते हैं, जहां हनुमान जी उनकी भेंट सुग्रीव से कराते हैं। इसके पश्चात श्रीराम बाली का वध कर सुग्रीव को उनका राज्य और पत्नी वापस दिलाते हैं। बदले में सुग्रीव सीता माता की खोज में श्रीराम की सहायता का वचन देते हैं। यह मित्रता स्वार्थ से परे, सच्चे प्रेम, विश्वास और सहयोग का अनुपम संदेश देती है।
कथा में पंडित श्याम पाल पाठक, सिद्व बाबा धाम के महंत सोहन दास, सत्य देव मिश्रा, सत्य पाल शर्मा, टिंकू कटिया, रामबहादुर शंखधार, विनीत कटिया, शिशु पाल शर्मा, रविंद्र शर्मा, संजय उपाध्याय, शैलेश पाराशरी, श्रीकृष्ण फूल माली, विवेक काकुष्ठ, नीरज शर्मा, शिवि शर्मा, पूनम शर्मा, चंद्रवती, सुधा पाठक सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat