संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूँ। थाना जरीफनगर पर पंजीकृत वर्ष 2010 के लूट के एक पुराने मामले में न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दो अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। माननीय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (दस्तु प्रभावित क्षेत्र) बदायूँ द्वारा अभियुक्त वासुदेव यादव एवं पदमा उर्फ पदम सिंह को धारा 392 व 411 भादवि में दोषी पाते हुए सजा सुनाई गई।
थाना जरीफनगर पर पंजीकृत मु0अ0सं0 901/2010 धारा 392/411 भादवि की विवेचना उप निरीक्षक धर्म कुमार शर्मा द्वारा पूर्ण कर आरोप पत्र माननीय न्यायालय में प्रेषित किया गया था। इस प्रकरण को श्रीमान पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के अंतर्गत चिन्हित किया गया। इसके बाद मॉनीटरिंग सेल जनपद बदायूँ, अभियोजन विभाग एवं थाना जरीफनगर के पैरोकार द्वारा प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए सशक्त पैरवी की गई।
न्यायालय ने अभियुक्त वासुदेव यादव पुत्र रमेश चन्द्र निवासी ग्राम बहलोलपुर थाना गुन्नौर जनपद सम्भल तथा पदमा उर्फ पदम सिंह पुत्र चरन सिंह निवासी धनारी की मढैया थाना धनारी जनपद सम्भल को धारा 392 भादवि में दोषी पाते हुए प्रत्येक को 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में प्रत्येक अभियुक्त को 2-2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसके अतिरिक्त न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को धारा 411 भादवि में भी दोषी पाते हुए 2-2 वर्ष के कारावास एवं 2-2 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 20-20 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। न्यायालय के आदेशानुसार दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अभियुक्तों द्वारा पूर्व में जिला कारागार में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा।
इस मामले में प्रभावी पैरवी करने वाले पैरोकार कांस्टेबल प्रवेश थाना जरीफनगर, लोक अभियोजक श्री राजेश बाबू शर्मा (एडीजीसी) तथा विवेचक उप निरीक्षक धर्म कुमार शर्मा की भूमिका को सराहनीय बताया गया है। पुलिस प्रशासन ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों में समयबद्ध और प्रभावी पैरवी से अपराधियों को सजा दिलाई जा रही है।
Budaun Amarprabhat