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फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, नौकरी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी करने वाले 5 शातिर गिरफ्तार

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संवाददाता : गोविंद देवल
बदायूँ। जनपद में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना साइबर क्राइम बदायूँ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर आम लोगों को बैंक व फाइनेंस कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने 5 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक नगर विजयेन्द्र द्विवेदी के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी साइबर क्राइम विनोद कुमार वर्धन के कुशल नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। थाना साइबर क्राइम पर पंजीकृत मु0अ0सं0 12/2025 धारा 318(4) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट के अंतर्गत विवेचना के दौरान पोर्टल पर दर्ज पांच साइबर फ्रॉड शिकायतों से जुड़े एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन ट्रेस की गई, जो थाना कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नई सराय में पाई गई।
लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची तो एक मकान में छोटे ऑफिस के रूप में फर्जी कॉल सेंटर संचालित होता मिला। वहां 3 महिलाएं और 1 पुरुष साइबर ठगी की गतिविधियों में लिप्त पाए गए, जिन्हें मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ व निशानदेही पर एक अन्य महिला अभियुक्त को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि अभियुक्तों द्वारा करीब 4 लाख 50 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई थी, जिनके संबंध में 10 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज थीं।
पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि वे WORK INDIA साइट के माध्यम से बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों के भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन कराते थे और फिर उनसे रुपये ट्रांसफर कराकर ठगी करते थे। अभियुक्त फर्जी नामों व पहचान का इस्तेमाल कर लोगों को जाल में फंसाते थे।
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से 1 लैपटॉप, 1 प्रिंटर, माउस, लैपटॉप चार्जर, 7 स्मार्ट फोन, 4 कीपैड मोबाइल, 7 मोबाइल चार्जर, 23 सिम कार्ड, HDFC बैंक प्राइवेट लिमिटेड मुंबई की स्टाम्प मोहर, हाजिरी रजिस्टर, कापियां तथा किरायानामा की फोटोकॉपी बरामद की है।
गिरफ्तार अभियुक्तों में विवेक पुत्र सुरेश सिंह, आकांक्षा पटेल, अंशू पटेल, ईशा साहू व मीनाक्षी शामिल हैं, जो अलग-अलग फर्जी वर्चुअल नामों से ठगी को अंजाम दे रहे थे। सभी अभियुक्तों को माननीय न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस टीम में थाना साइबर क्राइम के कई अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने टीम की सराहना करते हुए आमजन से अपील की है कि नौकरी या किसी भी ऑनलाइन ऑफर के नाम पर मांगे जा रहे पैसों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर दें।


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