बदायूँ। कोतवाली उझानी पुलिस की कथित निष्क्रियता और पीड़ितों की शिकायतों पर कार्रवाई न होने से आहत भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के कार्यकर्ताओं ने 8 जनवरी से मालवीय आवास गृह पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उनकी फरियादों को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे उन्हें मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
उझानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम जनुइया निवासी भाकियू चढूनी के कार्यकर्ता भगवान दास व प्रेमवती का आरोप है कि वे अपने जमीनी विवाद को लेकर कई बार पुलिस प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं। यहां तक कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी लिखित रूप से मामले से अवगत कराया गया, लेकिन इसके बावजूद न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही उन्हें न्याय मिला। पीड़ितों का यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर पुलिस द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
धरना स्थल पर मौजूद संगठन के जिलाध्यक्ष सतीश साहू ने कहा कि भाकियू चढूनी के किसी भी कार्यकर्ता का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही के चलते कार्यकर्ताओं का लगातार शोषण हो रहा है। इसी के विरोध में संगठन ने मालवीय आवास गृह पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा।
धरने का नेतृत्व कर रहे जिला प्रभारी कृष्ण अवतार शाक्य ने कहा कि दबंगों के हौसले बुलंद हैं और एक लाचार, बेसहारा महिला की जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन पुलिस आंख मूंदे बैठी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने में भगवान दास, प्रेमवती, गंगा सिंह, आराम सिंह, रामेश्वर, बीयीशु दास, नूरुद्दीन, कल्लू, डॉ. महेंद्र पाल, यादवेंद्र सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। संगठन ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा।
Budaun Amarprabhat