Breaking News

सहसवान क्रय केंद्र पर फर्जी तोल व खरीद का आरोप, भाकियू नेता ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

Spread the love


सहसवान। सहसवान क्षेत्र के सरकारी गल्ला क्रय केंद्र पर फर्जी तोल और कागजी खरीद किए जाने के आरोपों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के युवा ब्लॉक अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने 8 जनवरी को सहसवान एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में चंद्रपाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि 31 दिसंबर को वे अपने बहनोई का करीब 15 कुंतल बाजरा लेकर सुबह लगभग 8 बजे सहसवान क्रय केंद्र पहुंचे थे, लेकिन नायब तहसीलदार से शिकायत करने के बावजूद शाम तक उनका बाजरा नहीं तोला गया। देर शाम तक इंतजार के बाद उन्हें बिना तोल कराए बाजरा वापस ले जाना पड़ा। इस दौरान ट्रैक्टर का किराया और पल्लेदारों की मजदूरी भी उन्हें स्वयं वहन करनी पड़ी। उनका आरोप है कि क्रय केंद्र प्रभारी की कथित हठधर्मिता के कारण किसान का बाजरा नहीं खरीदा गया।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसी दिन दोपहर करीब एक बजे क्रय केंद्र प्रभारी केंद्र पर पहुंचे और शाम सात बजे तक तोल की प्रक्रिया चली, जिसमें मात्र चार किसानों का ही बाजरा तोला गया, जबकि कागजों में 600 कुंतल बाजरा और 600 कुंतल धान की खरीद दर्शा दी गई। आरोप के अनुसार नायब तहसीलदार की जांच के दौरान मौके पर केवल बाजरे की ही तोल हो रही थी, ऐसे में धान की तोल कहां और कैसे हुई, यह गंभीर जांच का विषय है।
भाकियू नेता ने आगे आरोप लगाया कि 5 और 6 जनवरी को भी सहसवान क्रय केंद्र पर 600-600 कुंतल धान की फर्जी खरीद दर्शाई गई है, जिसके संबंध में कथित स्टेटमेंट भी लगाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जनपद बदायूं में बाजरे के 17 क्रय केंद्र होने के बावजूद क्षेत्रीय छोटे किसानों का बाजरा नहीं खरीदा गया, जबकि कथित रूप से 107 कुंतल बाजरा एक बाहरी किसान के नाम से खरीदा जाना भी संदेह के घेरे में है।
ज्ञापन में लेखपालों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया कि किसानों के रजिस्ट्रेशन का सही तरीके से सत्यापन किए बिना 100 कुंतल से अधिक की खरीद को स्वीकृति दी गई। भाकियू का आरोप है कि क्रय केंद्र संचालन में लेखपालों की भूमिका संदिग्ध है तथा पूरे जनपद में बड़े स्तर पर छोटे किसानों की अनदेखी की गई है।
इस पूरे प्रकरण की जानकारी संगठन के जिला अध्यक्ष को भी दे दी गई है। भाकियू (टिकैत) ने चेतावनी दी है कि यदि एसडीएम स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो सोमवार 12 जनवरी को तहसील गेट पर धरना-प्रदर्शन कर पंचायत की जाएगी। संगठन ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से जुड़े इस कथित बड़े भ्रष्टाचार को लेकर उनकी लड़ाई जारी रहेगी।


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

यूपी में सरसों के तेल में मिलावट का बड़ा खुलासा FSDA की कार्रवाई में 38 कंपनियों को नोटिस, उन्नाव और मुजफ्फरनगर में FIR दर्ज

Spread the loveसंवाददाता : गोविंद देवल लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खाने के तेल, खासकर सरसों …

error: Content is protected !!