Breaking News

सहसवान: श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास ने समझाया प्रभु से संबंध का महत्व

Spread the love

सहसवान। अग्रवाल धर्मशाला नयागंज में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास पंडित हर्षित उपाध्याय ने कहा कि इस जीवन में भौतिक संबंधों के साथ-साथ प्रभु से संबंध भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि प्रभु बड़े दयालु और कृपालु हैं। जीव जब भी किसी भाव से उनकी शरण में जाता है, उसका कल्याण निश्चित हो जाता है।
कथा व्यास ने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार गंगा में मिलने से सामान्य जल भी पवित्र हो जाता है, उसी प्रकार जीव भी तभी तक अपवित्र है जब तक उसका ठाकुर जी से संबंध नहीं बनता। ठाकुर जी से संबंध स्थापित होते ही जीव भी भगवत स्वरूप बन जाता है।
उन्होंने कहा कि शास्त्रों और महापुरुषों का मत है कि बैर, द्वेष, भय, कामना या प्रेम किसी भी भाव से यदि हमारा चित्त प्रभु में लग जाए, तो हमारा कल्याण निश्चित है। अर्जुन की तरह मित्र नहीं बना सकते तो दुर्योधन की तरह शत्रु ही बना लो, फिर भी प्रभु का कल्याण हमारे साथ है।
कथा व्यास ने भजन “बांके बिहारी दूर करो दुख मेरा” गाकर भक्तों का मन मोह लिया। कथा में मुख्य यजमान संतोष गाँधी उर्फ कल्लू सेठ, पुष्पा गाँधी, प्रियंक चांडक, कोमल चांडक, शिव कुमार, अशोक कुमार, मुकुल, ध्रुव, अंश गांधी, मनीष सर्राफ सहित अन्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।
संवाददाता: डा. राशिद अली खान, सहसवान (बदायूं)


Spread the love

About Govind Deval

Check Also

जैन संत बालाचार्य अभिनंदन सागर जी का बिल्सी में मंगल प्रवचन

Spread the loveबिल्सी। बिसौली रोड स्थित श्री पदम प्रभु दिगंबर जैन अतिशय तीर्थ क्षेत्र पद्मांचल …

error: Content is protected !!