लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले चिकित्साधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 लापरवाह चिकित्साधिकारियों को सेवा से बर्खास्त करने के आदेश जारी किए गए हैं। लगातार ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टरों पर यह कार्रवाई की गई है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया कि मरीजों की सेहत से किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि अनुशासनहीनता और गैरजिम्मेदारी पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मरीजों के साथ अभद्रता के मामलों में चार चिकित्साधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं स्थानांतरण के बाद भी नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण न करने वाले डॉ. गजेंद्र सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
इसके अलावा बीकेटी ट्रॉमा सेंटर में तैनात चार चिकित्साधिकारियों से कार्य में लापरवाही को लेकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। चिकित्सीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर तीन चिकित्साधिकारियों को चेतावनी देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सरकारी कार्यों में लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के मामलों में पांच चिकित्साधिकारियों की वेतनवृद्धि रोकने के साथ परनिंदा दंड देने के आदेश दिए गए हैं। वहीं क्रय नीति के विरुद्ध दवाएं खरीदने वाले दो चिकित्साधिकारियों की पेंशन से 10 प्रतिशत कटौती के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है और इसके लिए जवाबदेही तय की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी लापरवाही करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Budaun Amarprabhat