श्री राधा माधव मंदिर, नई सराय पुलिस चौकी परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। कथा व्यास पूज्य पंडित श्याम सुंदर शिवराम जी महाराज (गोवर्धन धाम) ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और राजा परीक्षित के प्रसंगों का भावपूर्ण एवं मनोहारी वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य से गलती हो जाना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन समय रहते उसका सुधार और प्रायश्चित न किया जाए तो वही गलती पाप का रूप ले लेती है। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो प्रेम, करुणा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
राजा परीक्षित और ऋषि के श्राप के प्रसंगों का उल्लेख करते हुए उन्होंने समझाया कि भक्ति ही जीवन की सर्वोत्तम साधना है। भक्ति से न केवल सांसारिक दुखों से मुक्ति मिलती है, बल्कि मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त होता है। कथा के दौरान श्रोतागण भावविभोर होकर भक्ति रस में डूबे नजर आए।
इस अवसर पर महंत रवीन्द्र कुमार मिश्रा, केशव शर्मा, राजीव साहू, महेन्द्र गुप्ता, सनी गुप्ता, वीरेंद्र गुप्ता, गौरव गुप्ता, सुमित रस्तोगी, सचिन गोयल, आलोक रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कथा के आयोजक शुभम अग्रवाल ने सभी भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए अधिक से अधिक संख्या में कथा में सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 15 जनवरी से 21 जनवरी तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक किया जा रहा है।
Budaun Amarprabhat