बदायूँ। श्री राधाकृष्ण सेवा समिति के तत्वावधान में मोहल्ला कृष्णापुरी के श्री जी रिसॉर्ट में चल रही भागवत कथा के पाँचवें दिन कथा व्यास गोपाल शरण महाराज ने कथा में नंदोत्सव बड़े धूमधाम से मनाया। भक्तों ने भावनात्मक नृत्य और भजन-कीर्तन के माध्यम से उत्सव में भाग लिया।
कथा व्यास ने अपने प्रवचन में बताया कि सिद्धि से प्रसिद्धि बढ़ती है और प्रसिद्धि बढ़ने पर अहंकार उत्पन्न होता है, जो भगवद्भक्ति में बाधक बनता है। उन्होंने कहा कि जिसे हम अपना मान लेते हैं, वहीं दुख का कारण बनता है। जहां आसक्ति है, वहां कष्ट है, और जहां आसक्ति नहीं है, वहां कष्ट नहीं है। जो लोग भगवान की भक्ति छोड़कर संसार से आसक्ति जोड़ लेते हैं, वे परेशान रहते हैं।
महाराज ने आत्मा की अजर-अमरता पर भी प्रकाश डाला। उनका कहना था कि आत्मा को कोई शस्त्र काट नहीं सकता, आग जला नहीं सकती और वायु सुखा नहीं सकती। उन्होंने राम नाम की महत्ता बताते हुए कहा कि प्रभु का नाम हृदय में बस जाए तो व्यक्ति का कल्याण होता है। भगवान का नाम जानकर लिया जाए या अनजाने में, यह हमेशा कल्याणकारी सिद्ध होता है।
देर रात तक चली कथा में महाराज ने कृष्ण की बाल-लीलाओं का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। कथा पांडाल में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने गोवर्धन महाराज का भक्तिभाव से पूजन किया। पूजन का संचालन कामेश पाठक ने किया, जबकि पंडित उमेश शास्त्री ने मुख्य पाठ और पूजन की जिम्मेदारी संभाली। मुख्य सप्तनीक के रूप में रामवीर शर्मा उपस्थित रहे।
आयोजन में समिति के सदस्य विनोद कुमार मिश्र, एमपी शर्मा, ग्रीश चंद्र पाराशर, मुन्ना लाल शर्मा, विश्वनाथ शर्मा, रामवीर शर्मा, दिनेश चंद्र मिश्र, देवेश चंद्र मिश्र, नरेंद्र कुमार शर्मा, अवधेश श्रोत्रिय, ठाकुर सत्यपाल सिंह, आरडी शर्मा, श्रीनिवास तिवारी, ठाकुर अनोज कुमार सिंह, रमाकांत दीक्षित, शिवेकानंद शर्मा, विनीत अग्निहोत्री, नरेंद्र गुप्ता, अनुपम पचौरी, राहुल मिश्र सहित अन्य कई लोग विशेष सहयोग करते नजर आए।
पूरे कार्यक्रम में भक्तिभाव, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास का माहौल दिखाई दिया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं के चेहरों पर प्रसन्नता और आनंद बिखेरा।
Budaun Amarprabhat