पिंडौल (बदायूं)। आज ग्राम पिंडौल में कथा व्यास परम श्रद्धा पंडित गौरव देव शर्मा के मुखारविंद से लंका दहन और रावण वध की श्रीरामायण कथा का वर्णन किया गया। कथा में हनुमान जी द्वारा अशोक वाटिका में सीता माता की खोज, रावण को चुनौती देने और राम का संदेश पहुँचाने के लिए लंका में आग लगाने की घटना पर विशेष प्रकाश डाला गया।
व्यास जी ने बताया कि यह घटना न केवल सीता के दुख और हनुमान के बल, बुद्धि व निष्ठा का प्रतीक है, बल्कि इससे राम-रावण युद्ध की नींव भी पड़ी। उन्होंने संक्षेप में रामायण का सार प्रस्तुत करते हुए बताया कि रावण ने छल से सीता का हरण किया, जिसके बाद श्रीराम, लक्ष्मण और वानर सेना ने लंका पर चढ़ाई की। इस दौरान वानर सेना ने राक्षसों का संहार किया और हनुमान जी ने लंका दहन किया, लेकिन विभीषण के आग्रह पर पूरी लंका नहीं जलाई।
कथा में राम-रावण युद्ध, श्रीराम द्वारा रावण के वक्ष में बाण मारकर उसका वध, धर्म की स्थापना, और श्रीराम का अयोध्या लौटकर राज्याभिषेक शामिल था। व्यास जी ने बताया कि रावण के अंत के साथ अधर्म का नाश हुआ और श्रीराम के आदर्श जीवन का दर्शन हुआ।
कार्यक्रम के अंत में भगवान राम की आरती हुई और भक्तगणों को प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन में स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कथा से विशेष आध्यात्मिक आनंद प्राप्त किया।
Budaun Amarprabhat