
उघैती (बदायूं) | उघैती क्षेत्र के प्राचीन देवी मंदिर खितौरा के प्रांगण में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि दिव्यानन्द योगिराज ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करना रहा।
सम्मेलन की अध्यक्षता नत्थू लाल शर्मा ने की, जबकि संचालन भुवनेश गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में खितौरा, रियोनाई, उघैती सहित आसपास के गांवों से विभिन्न वर्गों के लोगों ने बड़ी संख्या में सहभाग किया।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मयंक राज ने अपने संबोधन में कहा कि आज हिंदू समाज आपसी विभाजन का शिकार है, जबकि मानव कल्याण के लिए समाज का एकजुट रहना आवश्यक है। उन्होंने सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमें अपनी शिखा, जनेऊ और सनातन परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए। साथ ही प्रत्येक घर में ॐ, स्वस्तिक जैसे सांस्कृतिक प्रतीक और तुलसी का पौधा लगाने का आह्वान किया।
मुख्य अतिथि दिव्यानन्द योगिराज ने कहा कि भारत में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। उन्होंने धार्मिक स्थलों पर न जा पाने की स्थिति में माता-पिता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। उन्होंने परिवार को एकजुट रखने और संस्कारों के संरक्षण में मातृशक्ति की भूमिका को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम में ममता महेश्वरी, प्रवक्ता जनता आदर्श इंटर कॉलेज खितौरा ने भी अपने विचार रखे, जिन्हें उपस्थित लोगों ने सराहा। सम्मेलन का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि हिंदुत्व मानवता और विश्व कल्याण पर आधारित सनातन विचारधारा है, जिसे जीवित रखने के लिए समाज को जागरूक और संगठित होना होगा। संगठित व संस्कारयुक्त समाज ही भारत को पुनः विश्वगुरु बना सकता है।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस मौके पर शरद कुमार, आरडी शर्मा, संतोष सिंह, बलभद्र सिंह, दलबीर सिंह, भुवनेश गुप्ता, सचिन भारद्वाज, मयंक गुप्ता, तेजेंद्र सोलंकी, योगेश गोरी गिरी, सतेंद्र सिंह, कमल गुप्ता, राम खिलाड़ी सिंह, अंकुश सिंह, हर्षित गुप्ता, चिराग गुप्ता, अंकित दीक्षित, गौरव मदन लाल यादव, नवल किशोर, यश भारद्वाज, अक्षत भारद्वाज, गौरव भारद्वाज, नितिन प्रताप, लोकेश पाल, सुनील राणा, अमन कुमार सहित दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat