संवाददाता: गोविंद देवल | बदायूं
दि डिस्ट्रिक्ट सिविल बार एसोसिएशन, बदायूं की कार्यकारिणी की एक आवश्यक बैठक अध्यक्ष सुनील कुमार सक्सेना एडवोकेट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में बार से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई, जिनमें स्वच्छता व्यवस्था, ई-लाइब्रेरी की स्थापना एवं क्लर्क की नियुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
बैठक में पूर्व पदाधिकारियों द्वारा बार से संबंधित अभिलेख एवं आय-व्यय का विवरण उपलब्ध न कराए जाने पर गहरी नाराजगी जताई गई। इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर संबंधित पूर्व पदाधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए महासचिव विवेक कुमार रैंदड़ एडवोकेट ने कहा कि दि डिस्ट्रिक्ट सिविल बार एसोसिएशन, बदायूं का सम्बद्धीकरण संख्या 80, सन् 1989 से उत्तर प्रदेश बार काउंसिल, इलाहाबाद से है। एसोसिएशन का विधिवत वार्षिक चुनाव 27 जनवरी 2026 को सम्पन्न हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व कार्यकारिणी के कुछ सदस्य जानबूझकर भ्रम फैला रहे हैं और नई कमेटी गठित करने का निराधार दावा कर रहे हैं, जबकि आज तक समस्त पत्राचार एवं सदस्यों के चंदे की रसीदें दि डिस्ट्रिक्ट सिविल बार एसोसिएशन, बदायूं के नाम से ही जारी होती रही हैं।
उन्होंने बताया कि अधिवक्ता हित में कई दशकों बाद आम सभा में 21 जनवरी 2026 को बहुमत से चुनाव कराने का निर्णय लिया गया था। चुनाव में भाग न लेकर कुछ लोगों द्वारा अलग कमेटी बनाने का दावा करना पूरी तरह निराधार है। साथ ही बार के आय-व्यय का हिसाब न देना तथा बार भवन एवं उसकी संपत्ति से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध न कराना नैतिक रूप से गलत है।
वरिष्ठ उपाध्यक्ष मधुकर शर्मा एडवोकेट ने कहा कि जो लोग बात-बात पर त्यागपत्र जेब में लेकर घूमते थे, वे अब त्यागपत्र देने के बाद भी कुर्सी से चिपके रहना चाहते हैं, जिससे अधिवक्ताओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
उपाध्यक्ष हरि प्रताप सिंह राठौड़ एडवोकेट ने कहा कि बार एवं अधिवक्ता हित में जो भी उचित कदम होंगे, उन्हें उठाया जाएगा तथा अधिवक्ताओं की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
बैठक में एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष प्रेम स्वरूप वैश्य एडवोकेट, सदस्य एल्डर्स कमेटी हेमेन्द्र कुमार एडवोकेट, ब्रजपाल सिंह एडवोकेट, उपाध्यक्ष रक्षित सरन, संदीप सिंह एडवोकेट, कोषाध्यक्ष रामेंद्र रेडर, संयुक्त सचिव स्वाति गुप्ता, वैभव गुप्ता एडवोकेट, कार्यकारिणी सदस्य अंशुल गुप्ता, अर्पित श्रीवास्तव, अमित माथुर सहित अन्य अधिवक्तागण मौजूद रहे।
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