लखनऊ | वित्तीय वर्ष 2026-2027 के बजट भाषण में माननीय वित्त मंत्री ने प्रदेश में निवेश, कौशल विकास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि विश्व बैंक सहयोगित यू.पी.एग्रीज परियोजना के अंतर्गत एग्री-एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाएगी, जिससे कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को लाभकारी बाजार उपलब्ध होंगे।
फाइनेंस मंत्री ने कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अगले चरण में जनविश्वास सिद्धांत के आधार पर उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। इसमें रजिस्ट्रेशन, लाइसेंसिंग और अन्य औद्योगिक प्रक्रियाओं को और अधिक सहज और सुगम बनाया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश में डिजिटल इंटरप्रेन्योरशिप योजना को भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया। कहा गया कि जिनके पास किसी भी व्यवसाय में हस्तकौशल या विशेषज्ञता है, वे कभी बेरोजगार नहीं रहेंगे। इसलिए युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्द्धन मिशन मोड में संचालित किए जाएंगे।
वित्त मंत्री ने बताया कि पढ़ाई के साथ युवाओं को कौशल विकास के अवसर दिए जाएंगे। मौजूदा कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस अभियान में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी और पीपीपी मोड में कौशल संवर्द्धन एवं जॉब प्लेसमेंट केंद्र विभिन्न जनपदों में स्थापित किए जाएंगे।
विशेष रूप से महिलाओं के कार्यबल में भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं के लिए पृथक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे रोजगार में लिंग समानता को बढ़ावा मिलेगा।
Budaun Amarprabhat